15 अगस्त तक मांगें नहीं मानीं तो मुख्यमंत्री आवास पर अनिश्चितकालीन धरना देंगे 11,341 ई-मित्र संचालक
15 अगस्त तक मांगें नहीं मानीं तो मुख्यमंत्री आवास पर अनिश्चितकालीन धरना देंगे 11,341 ई-मित्र संचालक
जयपुर। ग्राम पंचायत ई-मित्र संचालक संघ समिति, राजस्थान ने राज्य सरकार से ग्राम पंचायतों में कार्यरत ई-मित्र प्लस ऑपरेटरों एवं ई-मित्र संचालकों की वर्षों से लंबित मांगों का शीघ्र समाधान करने की मांग की है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि 15 अगस्त 2026 तक सरकार के स्तर पर सकारात्मक वार्ता कर मांगों का समाधान नहीं किया गया तो प्रदेशभर के 11,341 ई-मित्र प्लस ऑपरेटर एवं ई-मित्र संचालक जयपुर स्थित मुख्यमंत्री आवास के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेंगे।
संघ द्वारा मुख्यमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में मांग की गई है कि ग्राम पंचायतों में पिछले लगभग 10 वर्षों से सेवाएं दे रहे ई-मित्र प्लस ऑपरेटरों एवं ई-मित्र संचालकों को संविदा सेवा नियमों में शामिल कर नियमित मासिक मानदेय, सेवा सुरक्षा तथा अन्य सेवा लाभ प्रदान किए जाएं। ज्ञापन में कहा गया है कि ये संचालक सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और डिजिटल सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें किसी प्रकार की सेवा सुरक्षा या नियमित मानदेय नहीं मिला है।
संघ ने यह भी मांग उठाई है कि राज्य सरकार एवं विभिन्न विभागों द्वारा आयोजित प्रशासनिक एवं जनकल्याणकारी शिविरों में ई-मित्र संचालकों से अतिरिक्त समय तक कार्य लिया जाता है। इस दौरान वे अपने निजी कंप्यूटर, प्रिंटर, इंटरनेट एवं अन्य संसाधनों का उपयोग करते हैं, फिर भी उन्हें ड्यूटी भत्ता या यात्रा व्यय नहीं दिया जाता। ऐसे में सरकारी शिविरों में कार्य करने वाले सभी संचालकों को निर्धारित दर से ड्यूटी भत्ता और यात्रा व्यय उपलब्ध कराया जाए।
ज्ञापन में एलएसपी (LSP) माइग्रेशन व्यवस्था तत्काल लागू करने की मांग भी की गई है। संघ का कहना है कि वर्तमान व्यवस्था में यदि किसी एलएसपी से संतोषजनक तकनीकी सहायता या सेवाएं नहीं मिलतीं, तो संचालकों के पास किसी अन्य एलएसपी से जुड़ने का विकल्प नहीं होता। इसलिए मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी की तर्ज पर एलएसपी बदलने की स्वतंत्रता दी जानी चाहिए।
इसके अलावा बढ़ती महंगाई और संचालन लागत का हवाला देते हुए ई-मित्र संचालकों ने टोकन सेवा राशि ₹50 से बढ़ाकर ₹100 प्रति सेवा किए जाने की भी मांग की है। उनका कहना है कि बिजली, इंटरनेट, किराया, कंप्यूटर रखरखाव और स्टेशनरी पर होने वाला खर्च लगातार बढ़ रहा है, जबकि सेवा शुल्क वर्षों से अपरिवर्तित है।
संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि 15 अगस्त तक सरकार उनकी जायज मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है तो लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन शुरू किया जाएगा। इसके तहत प्रदेशभर के 11,341 ग्राम पंचायत ई-मित्र प्लस ऑपरेटर एवं ई-मित्र संचालक मुख्यमंत्री आवास के बाहर अनिश्चितकालीन धरना देंगे।