वीबी–जी राम जी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल रही मजबूती–रोजगार सृजन में राजस्थान देश में प्रथम
वीबी–जी राम जी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल रही मजबूती
–रोजगार सृजन में राजस्थान देश में प्रथम
–योजना के लिए अब तक का सर्वाधिक बजटीय प्रावधान
–प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार को 125 दिन का रोजगार
जयपुर, 12 अगस्त। प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों में वृद्धि एवं ग्रामीण परिवारों की आजीविका को सुरक्षित करने की दिशा में 1 जुलाई, 2026 को राज्य में विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार आजीविका मिशन (ग्रामीण) (वीबी–जी राम जी) योजना का शुभारंभ किया गया। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश में रोजगार सृजन में वृद्धि के साथ प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।
रोजगार सृजन में राजस्थान देश में प्रथम—
योजना के अंतर्गत श्रमिक नियोजन के मामले में राजस्थान देश में प्रथम स्थान पर है। योजना के तहत 10 अगस्त, 2026 तक 77 हजार 814 कार्यों पर 8.59 लाख श्रमिकों का नियोजन किया गया है जबकि गत वर्ष इसी अवधि में महात्मा गांधी नरेगा योजना के तहत 6.37 लाख श्रमिकों का नियोजन हुआ था। इस प्रकार वर्तमान योजना के तहत श्रमिक नियोजन में लगभग 2.22 लाख की वृद्धि हुई है जो कि 34.85 प्रतिशत अधिक है।
विकसित भारत जी राम जी योजना के तहत कुशल एवं अर्द्धकुशल श्रमिकों को भी श्रम मद में शामिल किया गया है। पूर्व में महात्मा गांधी नरेगा योजना के तहत इन श्रमिकों का भुगतान सामग्री मद से किया जाता था, जिसके कारण राशि की उपलब्धता में कमी होने पर भुगतान में विलंब की समस्या उत्पन्न होती थी।
योजना के लिए अब तक का सर्वाधिक बजटीय प्रावधान—
ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा योजना के लिए केन्द्रीयांश राशि 7,581.87 करोड़ रुपये आवंटित की गई है, जबकि राज्य सरकार द्वारा राज्यांश के रूप में 5,054.57 करोड़ रुपये का प्रावधान राज्य बजट में किया गया है। इस प्रकार वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में योजना के लिए कुल 12,636.44 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो अब तक का सर्वाधिक बजटीय प्रावधान है।
318 प्रकार के अनुमत कार्यों से ग्रामीण विकास को मिलेगा व्यापक आधार—
मिशन के अंतर्गत 318 प्रकार के अनुमत कार्यों को चार श्रेणियों में विभाजित किया गया है। इनके माध्यम से ग्रामीण आधारभूत संरचना के विकास के साथ-साथ आजीविका संवर्धन, कौशल विकास, उद्यमिता को बढ़ावा देने तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार के स्थायी अवसरों के सृजन को सुनिश्चित किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि पूर्ववर्ती महात्मा गांधी नरेगा योजना में 266 प्रकार के कार्य ही अनुमत थे।
प्रत्येक ग्राम पंचायत को औसतन 12.4 लाख रुपये की अग्रिम राशि जारी—
विकसित भारत जी राम जी योजना के तहत जुलाई, अगस्त एवं सितंबर 2026 के लिए श्रम मद में 2,105.89 करोड़ रुपये, सामग्री मद में 1,403.93 करोड़ रुपये तथा प्रशासनिक मद में 280.78 करोड़ रुपये की अग्रिम राशि केन्द्रीयांश एवं राज्यांश के रूप में जारी की जा चुकी है। इससे कार्यों के समयबद्ध एवं प्रभावी क्रियान्वयन में सहायता मिलेगी। पूर्व में महात्मा गांधी नरेगा योजना में सामग्री मद की राशि कार्य उपरांत एवं विलंब से जारी होती थी।
योजना के तहत सामग्री मद में प्रत्येक ग्राम पंचायत को औसतन 12.4 लाख रुपये की अग्रिम राशि जारी की गई है। इससे ग्राम पंचायत स्तर पर विकास कार्यों के सुचारू संचालन एवं समय पर भुगतान सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
प्रशासनिक व्यय का प्रावधान बढ़ाकर 9 प्रतिशत—
योजना के प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन के लिए प्रशासनिक व्यय के लिए 9 प्रतिशत राशि का प्रावधान किया गया है। प्रशासनिक व्यय के प्रावधान में वृद्धि से योजना के बेहतर प्रबंधन, प्रभावी निगरानी एवं परिणामोन्मुखी क्रियान्वयन को मजबूती मिलेगी। उल्लेखनीय है कि पूर्ववर्ती महात्मा गांधी नरेगा योजना में यह प्रावधान 6 प्रतिशत था।
जीआईएस आधारित पोर्टल से वर्षभर कार्यों की उपलब्धता,प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार को 125 दिन का रोजगार—
श्रमिकों को पूरे वर्ष पर्याप्त कार्य उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 6 लाख से अधिक कार्यों को जीआईएस आधारित युक्तिधारा पोर्टल पर सम्मिलित किया गया है। इससे औसतन प्रत्येक ग्राम पंचायत में 55 से अधिक कार्यों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। जिससे स्थानीय स्तर पर मांग के अनुरूप रोजगार का सृजन किया जा सकेगा। योजना के तहत प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार को पूर्व निर्धारित 100 दिनों के स्थान पर प्रतिवर्ष 125 दिनों का गारंटीशुदा रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। इससे ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि होने के साथ-साथ उनकी आजीविका सुरक्षा भी सुदृढ़ होगी।
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