धार्मिक एवं पवित्र आस्था के पर्व हरियाली अमावस्या के अवसर पर राजगढ़ धाम स्थित चक्की वाले बाबा मंदिर में राजा-रानी के कल्पवृक्ष जोड़े की विधिवत पूजा-अर्चना की गई।
हरियाली अमावस्या पर राजगढ़ धाम में कल्पवृक्ष जोड़े की पूजा
श्रद्धालुओं ने परिक्रमा कर सुख-समृद्धि की कामना की, महाराज ने पौधरोपण का दिया संदेश
राजगढ़ धाम। धार्मिक एवं पवित्र आस्था के पर्व हरियाली अमावस्या के अवसर पर राजगढ़ धाम स्थित चक्की वाले बाबा मंदिर में राजा-रानी के कल्पवृक्ष जोड़े की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। चम्पालाल महाराज ने सपरिवार मंत्रोच्चारण के साथ पूजा संपन्न कराई। इस दौरान राजा-रानी को वस्त्र धारण कराकर रक्षासूत्र बांधा गया तथा प्रसाद का भोग लगाकर आरती की गई।
पूजा के पश्चात श्रद्धालुओं ने कल्पवृक्ष जोड़े की परिक्रमा कर सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की। महिलाओं ने कल्पवृक्ष पर रक्षासूत्र बांधकर परिवार की खुशहाली एवं सुखद जीवन के लिए आशीर्वाद मांगा। ग्रामीणों एवं श्रद्धालुओं ने हरियाली अमावस्या का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया।
राजगढ़ धाम पर रविवारीय मेले के दौरान भी हजारों श्रद्धालु कल्पवृक्ष जोड़े की परिक्रमा कर अपनी मनोकामनाएं मांगते हैं। धार्मिक मान्यता के साथ-साथ इस अवसर पर वृक्षारोपण का भी विशेष महत्व माना जाता है। इसी को देखते हुए ‘हरियालो राजस्थान’ अभियान के तहत राजगढ़ धाम परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में लगातार पौधरोपण किया जा रहा है।
चम्पालाल महाराज ने धाम पर आने वाले श्रद्धालुओं से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में कम से कम पांच वृक्ष अवश्य लगाएं और उनकी नियमित देखभाल करें। उन्होंने कहा कि वृक्ष प्रकृति और मानव जीवन के लिए अमूल्य हैं तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।
पूजा एवं आयोजन में व्यवस्थापक ओमप्रकाश सेन, अविनाश सेन, राहुल सेन, रमेश सेन, कैलाश चन्द, ताराचन्द, कपिल सेन, सागर सेन, मुकेश सेन सहित धाम से जुड़े अनेक श्रद्धालुओं एवं सेवाभावी कार्यकर्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा।