सरस को गर्त में ले जा रही नीतियां’, अजमेर डेयरी अध्यक्ष रामचन्द्र चौधरी ने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और वित्त सचिव को पत्र भेजकर पशु आहार से लेकर भर्ती, बजट, गुणवत्ता और दुग्ध उत्पादकों के भुगतान तक उठाए सवाल
सरस को गर्त में ले जा रही नीतियां’, अजमेर डेयरी अध्यक्ष रामचन्द्र चौधरी ने
मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और वित्त सचिव को पत्र भेजकर पशु आहार से लेकर भर्ती, बजट, गुणवत्ता और दुग्ध उत्पादकों के भुगतान तक उठाए सवाल
जयपुर/अजमेर। राजस्थान के प्रमुख डेयरी ब्रांड ‘सरस’ की कार्यप्रणाली को लेकर अजमेर डेयरी के अध्यक्ष रामचन्द्र चौधरी ने राजस्थान कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन (RCDF) की प्रबंध संचालक (एमडी) श्रुती भारद्वाज के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
चौधरी ने प्रेस नोट भेजते हुए बताया की उन्होंने मुख्यमंत्री , मुख्य सचिव एवं वित्त सचिव को पत्र भेजकर एमडी के कार्यकाल में कथित प्रशासनिक एवं वित्तीय अनियमितताओं सहित कई गंभीर मुद्दे उठाए हैं। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की है कि श्रुती भारद्वाज को किसी भी परिस्थिति में सेवा विस्तार नहीं दिया जाए।
चौधरी ने अपने पत्र में आरोप लगाया है कि मौजूदा नीतियों के चलते सरस ब्रांड, दुग्ध संघों और प्रदेश के पशुपालकों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से पूरे मामले की गंभीरता से समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
पशु आहार की कीमतों पर उठाए सवाल
अजमेर डेयरी अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा पशु आहार के कच्चे माल एवं GST दरों में कमी किए जाने के बावजूद राजस्थान में पशु आहार के दाम ऊंचे बने हुए हैं। उनका कहना है कि इससे पशुपालकों पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ रहा है। उन्होंने पशु आहार की खरीद एवं वितरण व्यवस्था में कथित अनियमितताओं और पारदर्शिता की कमी का भी मुद्दा उठाया है।
अमूल-मदर डेयरी के विस्तार का भी उठाया मुद्दा
पत्र में चौधरी ने दावा किया कि एमडी के कार्यकाल में राजस्थान में अमूल और मदर डेयरी का विस्तार हुआ, जबकि सरस के दुग्ध संकलन एवं विपणन में अपेक्षित वृद्धि नहीं हुई। उन्होंने दिल्ली जैसे महत्वपूर्ण बाजार में सरस उत्पादों की मार्केटिंग को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।
करीब 3000 पद रिक्त होने का दावा
चौधरी ने RCDF एवं विभिन्न जिला दुग्ध संघों में बड़ी संख्या में पद रिक्त होने का दावा करते हुए कहा कि लंबे समय से नई भर्तियां नहीं होने से कामकाज प्रभावित हो रहा है। उन्होंने रिक्त पदों को भरने और तकनीकी विशेषज्ञों की नियुक्ति की आवश्यकता बताई है। पत्र में कर्मचारियों की कमी को सरस के दूध एवं दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता से भी जोड़कर सवाल उठाए गए हैं।
बजट आवंटन और नियुक्तियों पर भी आरोप
अजमेर डेयरी अध्यक्ष ने विभिन्न जिला दुग्ध संघों के बीच बजट आवंटन में कथित पक्षपात का आरोप लगाया है। साथ ही उन्होंने जिला दुग्ध संघों में योग्य तकनीकी अधिकारियों की जगह पसंदीदा अधिकारियों को जिम्मेदारियां दिए जाने का भी आरोप लगाया है।
संचालक मंडल के चुनाव और AGM का मुद्दा
चौधरी ने RCDF के संचालक मंडल के चुनाव नहीं होने तथा प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्वाचित जिला दुग्ध संघ अध्यक्षों द्वारा नोटिस दिए जाने के बावजूद आमसभा (AGM) की बैठक नहीं बुलाई गई। पत्र में निर्वाचित अध्यक्षों के साथ कथित तौर पर अनुचित व्यवहार किए जाने का भी उल्लेख किया गया है।
दुग्ध उत्पादकों के भुगतान का मामला भी उठाया
पत्र में मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक संबल योजना के तहत दुग्ध उत्पादकों को मिलने वाली ₹5 प्रति लीटर की सहायता राशि के भुगतान में कथित देरी का मुद्दा भी उठाया गया है। इसके अलावा मिड-डे मील से संबंधित करोड़ों रुपये के भुगतान के लंबित होने का भी दावा किया गया है।
सेवा विस्तार रोकने की मांग
अजमेर डेयरी अध्यक्ष रामचन्द्र चौधरी ने राज्य सरकार से मांग की है कि उनके द्वारा उठाए गए सभी बिंदुओं की जांच एवं समीक्षा कराई जाए तथा RCDF की मौजूदा स्थिति को देखते हुए एमडी श्रुती भारद्वाज को किसी भी सूरत में सेवा विस्तार नहीं दिया जाए।
चौधरी का कहना है कि डेयरी क्षेत्र प्रदेश के लाखों पशुपालकों की आजीविका से जुड़ा हुआ है, इसलिए सरस की प्रशासनिक एवं वित्तीय व्यवस्था को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। ईस सम्बन्ध मे अभी तक डेयरी एमडी की कोई प्रतिक्रिया नही आई है उन का पक्ष जानने के लिए उन के कार्यलय मे फोन किया परन्तु किसी ने फोन रिसीव नही किया गया