पुष्कर के ग्रामीण युवाओं को डिजिटल युग से जोड़ेगा “अटल ज्ञान केंद्र” – सुरेश सिंह रावत की पहल से विकास को मिलेगा नया आयाम

पुष्कर के ग्रामीण युवाओं को डिजिटल युग से जोड़ेगा “अटल ज्ञान केंद्र” – सुरेश सिंह रावत की पहल से विकास को मिलेगा नया आयाम
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पुष्कर विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण युवाओं को डिजिटल युग की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में ऐतिहासिक पहल करते हुए जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत के अथक प्रयासों से पुष्कर विधानसभा क्षेत्र के बुबानी, भूडोल, नारेली, घूघरा, रामनेर ढाणी, गनाहेडा, बांसेली, देवनगर, बबायचा, बीर, उटडा, डूमाडा, भांवता, सराधना, हटूण्डी, सोमलपुर, गगवाना, पनेर और रूपनगढ़ ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर “अटल ज्ञान केंद्र” खोले जाएंगे।

इन प्रत्येक केंद्रों पर ₹12.50 लाख की राशि व्यय की जाएगी, जिससे इन गांवों में शिक्षा, कैरियर मार्गदर्शन और डिजिटल संसाधनों की क्रांति आएगी।

ग्रामीण युवाओं को मिलेगा एक ही छत के नीचे “ज्ञान और अवसर” का केंद्र

मंत्री रावत ने बताया कि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं की जानकारी, कैरियर काउंसलिंग और डिजिटल संसाधनों का अभाव बना हुआ है। इन चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए, राजस्थान सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म शताब्दी पर 25 दिसंबर 2024 को ‘सुशासन दिवस’ के अवसर पर प्रत्येक ग्राम पंचायत में अटल ज्ञान केंद्र खोलने की घोषणा की थी।

इन केंद्रों के माध्यम से ग्रामीण युवाओं को न सिर्फ स्वाध्याय और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए एक मंच मिलेगा, बल्कि ई-लाइब्रेरी, रोजगार परक प्रशिक्षण, सरकारी योजनाओं की जानकारी और कैरियर काउंसलिंग जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।

रावत ने कहा: कि “अटल ज्ञान केंद्र केवल पुस्तकालय नहीं बल्कि ग्रामीण सशक्तिकरण और डिजिटल समावेशन की दिशा में एक परिवर्तनकारी पहल है। यह योजना न केवल युवाओं को उनके सपनों की उड़ान के लिए पंख देगी, बल्कि गांव-गांव में विकास की नई इबारत भी लिखेगी।”

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मुख्य विशेषताएं एवं क्रियान्वयन योजना :

🔹 स्थापना – चयनित पंचायत मुख्यालयों पर चरणबद्ध रूप से आधुनिक “अटल ज्ञान केंद्र” की स्थापना।

🔹 संचालन हेतु ‘अटल प्रेरकों’ की नियुक्ति – स्थानीय योग्य युवाओं को आउटसोर्सिंग के माध्यम से नियुक्त किया जाएगा, जो इन केंद्रों का संचालन और युवाओं को मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।

🔹 डिजिटल साक्षरता का विस्तार – केंद्रों में ई-लाइब्रेरी, कम से कम 4 वर्कस्टेशन, कंप्यूटर, इंटरनेट और आवश्यक फर्नीचर की व्यवस्था।

🔹 समर्पित भवन निर्माण –

▪ विकल्प 1: भारत निर्माण सेवा केंद्र के प्रथम तल पर हॉल निर्माण।

▪ विकल्प 2: जहां प्रथम तल संभव नहीं, वहां स्वतंत्र 30’ x 20’ हॉल का निर्माण।

🔹 प्रथम चरण में चयन* – राज्य की 3000+ आबादी वाली 2082 ग्राम पंचायतें चयनित की गई हैं।

🔹 प्रशिक्षण और अन्य गतिविधियाँ – बहुआयामी गतिविधि केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां न्यूनतम 20 युवाओं के अध्ययन हेतु उपयुक्त सुविधा उपलब्ध होगी।

समग्र प्रभाव :-

✓ ग्रामीण युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की समुचित तैयारी का मंच

✓ डिजिटल साक्षरता में वृद्धि

✓ सरकारी योजनाओं की सुलभ जानकारी

✓ आत्मनिर्भर और जागरूक ग्रामीण समाज की ओर मजबूत कदम

यह प्रयास दर्शाते है कि जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत केवल जल संरक्षण के ही नहीं, बल्कि ग्रामीण शिक्षा और युवाओं के भविष्य के भी सच्चे संवाहक हैं। उनके नेतृत्व में पुष्कर क्षेत्र डिजिटल और शैक्षिक प्रगति की एक नई मिसाल बनकर उभरेगा।

admin - awaz rajasthan ki

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