1 जुलाई से लागू होगा नया ग्रामीण रोजगार कानून, अब 125 दिन रोजगार की कानूनी गारंटी
जयपुर। ग्रामीण श्रमिकों के लिए केंद्र और राज्य सरकार की ओर से एक बड़ा बदलाव किया जा रहा है। प्रदेश में 1 जुलाई 2026 से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के स्थान पर “विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (VB-GRAMG)” लागू किया जाएगा। नई व्यवस्था के तहत ग्रामीण परिवारों को अब 100 दिन की बजाय 125 दिन रोजगार की कानूनी गारंटी मिलेगी।
नई योजना के लिए राजस्थान को कुल 11,581 करोड़ रुपये का फंड आवंटित किया गया है। इसमें केंद्र सरकार की ओर से 7,581 करोड़ रुपये से अधिक का अंतरिम आवंटन किया गया है, जबकि शेष लगभग 4,000 करोड़ रुपये राज्य सरकार वहन करेगी। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए केंद्र सरकार ने इस योजना हेतु देशभर में 95,692 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है।
साप्ताहिक होगा मजदूरी भुगतान
नई व्यवस्था में श्रमिकों को मजदूरी भुगतान के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अब मजदूरी का भुगतान 15 दिन के बजाय हर सप्ताह सीधे बैंक या डाकघर खाते में किया जाएगा। इससे ग्रामीण मजदूरों को समय पर भुगतान मिलने में सहायता मिलेगी।
रोजगार नहीं मिलने पर मिलेगा भत्ता
नए ग्रामीण रोजगार कानून में श्रमिकों के अधिकारों को और मजबूत किया गया है। यदि पात्र व्यक्ति को निर्धारित समय सीमा में रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाता है तो उसे बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा। वहीं मजदूरी भुगतान में देरी होने पर मुआवजा देने का कानूनी प्रावधान भी रखा गया है।
पुराने जॉब कार्ड रहेंगे मान्य
सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन मनरेगा जॉब कार्ड धारकों की ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, उनके वर्तमान जॉब कार्ड नए रोजगार गारंटी कार्ड जारी होने तक मान्य रहेंगे। इससे लाखों श्रमिकों को संक्रमण काल के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
ग्रामीण विकास और आजीविका पर विशेष फोकस
केंद्र सरकार का कहना है कि विभिन्न विभागों की योजनाओं में बेहतर समन्वय स्थापित करने, संसाधनों के दोहराव को रोकने और ग्रामीण क्षेत्रों में टिकाऊ परिसंपत्तियों के निर्माण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह नई व्यवस्था लागू की जा रही है। योजना के तहत रोजगार के साथ-साथ आजीविका सृजन और ग्रामीण विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
नई योजना की प्रमुख विशेषताएं
- 125 दिन रोजगार की कानूनी गारंटी
- साप्ताहिक मजदूरी भुगतान व्यवस्था
- रोजगार नहीं मिलने पर बेरोजगारी भत्ता
- भुगतान में देरी होने पर मुआवजा
- विभिन्न योजनाओं का एकीकृत क्रियान्वयन
- ग्रामीण विकास एवं स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण पर जोर
- पुराने जॉब कार्ड नए कार्ड जारी होने तक मान्य