रामसेतु एलिवेटेड रोड पर आवागमन तत्काल बंद, कोर्ट का बड़ा आदेश
अजमेर। स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत निर्मित रामसेतु एलिवेटेड रोड को लेकर बड़ा निर्णय सामने आया है। अजमेर सिविल न्यायालय ने मंगलवार को एलिवेटेड रोड पर आवागमन को तत्काल प्रभाव से बंद करने का निर्देश जारी किया है। यह आदेश कांग्रेस नेता व पूर्व विधायक डॉ. राजकुमार जयपाल की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया, जिसमें रोड की निर्माण गुणवत्ता, तकनीकी अनुमोदन और भ्रष्टाचार पर गंभीर सवाल उठाए गए थे।
सिविल न्यायाधीश मनमोहन चंदेल ने नगर निगम और स्मार्ट सिटी अधिकारियों की अनुपस्थिति में एकतरफा आदेश पारित करते हुए निर्देश दिया कि 11 जुलाई तक सभी रास्ते बंद किए जाएं। न्यायालय ने यह भी माना कि निर्माण में एक ही प्रकार की सामग्री का अत्यधिक प्रयोग हुआ है, जिससे रोड की संरचनात्मक सुरक्षा पर सवाल उठते हैं।
राजनीतिक तनाव बढ़ा, भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने
इस आदेश के बाद अजमेर की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। भाजपा के नगरीय विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा पहले ही इस परियोजना की जांच के लिए कमेटी बना चुके हैं। वहीं कांग्रेस नेता डॉ. जयपाल द्वारा कोर्ट में याचिका दायर करना राजनीतिक विवाद को और गहरा कर रहा है। सूत्रों का कहना है कि इस पूरे मामले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता धर्मेन्द्र राठौड़ की भी भूमिका मानी जा रही है।
भाजपा समर्थक अधिवक्ता राजीव भारद्वाज ने आरोप लगाया कि जिन लोगों ने रोड के निर्माण काल में निर्णय लिए, वही अब जनता को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा इस मामले में निष्पक्ष जांच चाहती है, लेकिन कांग्रेस ध्यान भटकाने की राजनीति कर रही है।
नगर निगम ने मांगा समय
कोर्ट आदेश के तुरंत बाद नगर निगम अधिकारियों ने अदालत में अर्जी दायर कर स्पष्टीकरण का समय मांगा है। अब 11 जुलाई को अगली सुनवाई में यह स्पष्ट होगा कि एलिवेटेड रोड पर आवागमन दोबारा कब शुरू हो पाएगा।