राजस्थान को समुद्री कनेक्टिविटी: जालोर में इनलैंड पोर्ट से खुलेगा अरब सागर का जलमार्ग
जयपुर (प्रतीक )। राजस्थान अब औद्योगिक और आर्थिक विकास के एक नए युग में प्रवेश करने जा रहा है। प्रदेश को समुद्री कनेक्टिविटी दिलाने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाते हुए जालोर जिले में इनलैंड पोर्ट विकसित करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। यह पोर्ट कच्छ की खाड़ी के जरिये सीधे अरब सागर से जुड़ेगा, जिससे मरु प्रदेश पहली बार समुद्री राज्यों की श्रेणी में शामिल होने की ओर बढ़ रहा है।
राजस्थान रिवर बेसिन एवं जल संसाधन आयोजना प्राधिकरण और भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण के बीच पिछले महीने मुंबई में महत्वपूर्ण एमओयू हुआ है। इस समझौते के बाद जालोर से कांडला पोर्ट तक लगभग 262 किलोमीटर लंबा जलमार्ग विकसित करने की संभावनाओं पर तेजी से काम हो रहा है। ड्रेजिंग पर 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक की लागत अनुमानित है।
परियोजना के तकनीकी अध्ययन के लिए IIT मद्रास सर्वे कर रहा है, जिसमें जल उपलब्धता, भूमि आवश्यकता और लागत जैसे प्रमुख पहलुओं का विश्लेषण शामिल है। जल्द ही विशेषज्ञ टीमें राजस्थान में फील्ड सर्वे भी करेंगी।
जालोर, जवाई बेसिन और बाड़मेर क्षेत्र पहले से ही कपड़ा, पत्थर, कृषि उत्पाद, ऑयलसीड और अनाज व्यापार के प्रमुख केंद्र हैं। जलमार्ग तैयार होने से इस पूरे बेल्ट में उद्योग और लॉजिस्टिक्स गतिविधियाँ तेजी से विस्तार करेंगी। अनुमान है कि राजस्थान, गुजरात और आसपास के क्षेत्रों में 50 हजार से अधिक रोजगार उत्पन्न हो सकेंगे।
जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने इसे प्रदेश के लिए गेम-चेंजर परियोजना बताते हुए कहा कि सरकार की प्राथमिकताओं में यह योजना हमेशा शीर्ष पर रही है। समुद्री कनेक्टिविटी मिलने से राजस्थान औद्योगिक रूप से और अधिक मजबूत होगा और देश का उभरता लॉजिस्टिक पावर हाउस बन सकता है।