पंचायत चुनाव के नतीजों से पहले भाजपा की बाड़ाबंदी शुरू, पुष्कर पहुंचे प्रत्याशी; कांग्रेस की रणनीति पर नजर
अजमेर। पंचायत चुनाव के नतीजे आने से पहले ही जिला प्रमुख और प्रधान पदों के चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। भाजपा ने संभावित राजनीतिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए अपने जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के प्रत्याशियों को एकजुट रखने की कवायद शुरू कर दी है। पार्टी ने विधानसभा क्षेत्रवार प्रत्याशियों के शिविर लगाने की योजना बनाई है। इसकी शुरुआत केकड़ी विधानसभा क्षेत्र के प्रत्याशियों के पुष्कर पहुंचने के साथ हो गई है।
शनिवार को पुष्कर पहुंचे प्रत्याशियों ने ब्रह्मा मंदिर में दर्शन किए और पुष्कर सरोवर में पूजन किया। प्रत्याशियों के साथ उनके परिजन भी रिसॉर्ट में ठहरे हुए हैं। भाजपा की योजना करीब 200 प्रत्याशियों को अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों के हिसाब से शिविरों में रखने की है। पार्टी इस बार सभी प्रत्याशियों को एक स्थान पर रखने के बजाय क्षेत्रवार व्यवस्था कर रही है।
नगर निगम चुनाव के अनुभव के बाद पहले से तैयारी
अजमेर नगर निगम चुनाव के दौरान स्पष्ट बहुमत नहीं होने के बावजूद भाजपा महापौर और उप महापौर का चुनाव जीतने में सफल रही थी। इसी अनुभव को देखते हुए पार्टी पंचायत चुनाव के बाद जिला प्रमुख और प्रधान के चुनाव में बनने वाले समीकरणों को लेकर पहले से तैयारी कर रही है।
भाजपा देहात जिलाध्यक्ष जीतमल प्रजापत के अनुसार, केकड़ी विधानसभा क्षेत्र के प्रत्याशी पुष्कर पहुंच चुके हैं। रविवार को नसीराबाद और पुष्कर विधानसभा क्षेत्र के प्रत्याशियों के शिविर में शामिल होने की योजना है। अजमेर और किशनगढ़ क्षेत्र के प्रत्याशियों के भी आगामी एक-दो दिनों में पहुंचने की संभावना है। कुछ समय बाद प्रत्याशियों के ठहरने के स्थान में बदलाव भी किया जाएगा।
बागियों और निर्दलीयों पर भी नजर
पार्टी की रणनीति में केवल अपने प्रत्याशियों को एकजुट रखना ही शामिल नहीं है, बल्कि बागी और प्रभावशाली निर्दलीय प्रत्याशियों पर भी नजर रखी जा रही है। जिला प्रमुख और प्रधान के चुनाव में सदस्यों का समर्थन महत्वपूर्ण रहेगा। ऐसे में चुनाव परिणाम आने के बाद बनने वाले संभावित समीकरणों को लेकर भाजपा अभी से तैयारी कर रही है।
दीपावली के अवसर पर प्रत्याशियों को परिवार के साथ त्योहार मनाने के लिए शिविर से छुट्टी देने की योजना है। त्योहार के बाद उन्हें फिर से शिविरों में बुलाया जाएगा।
प्रशिक्षण और संवाद के कार्यक्रम भी होंगे
पुष्कर में प्रस्तावित शिविरों में प्रत्याशियों के लिए प्रशिक्षण और संवाद कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। भाजपा के प्रदेश पदाधिकारी उन्हें पार्टी की विचारधारा, सिद्धांतों और रीति-नीति की जानकारी देंगे। इसके साथ ही जिला परिषद और पंचायत समितियों की कार्यप्रणाली, साधारण सभा की भूमिका तथा निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारियों से भी अवगत कराया जाएगा। धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के आयोजन की भी योजना है।
जिला प्रमुख के लिए 17 सदस्यों का समर्थन जरूरी
अजमेर जिला परिषद में कुल 33 वार्ड हैं। भाजपा ने सभी वार्डों में प्रत्याशी उतारे हैं। जिला प्रमुख के चुनाव में जीत के लिए कम से कम 17 सदस्यों का समर्थन आवश्यक होगा। इस बार जिला प्रमुख का पद सामान्य वर्ग की महिला के लिए आरक्षित है। भाजपा में सुशील कंवर, सुनीता चौधरी और पूजा भंसाली के नाम संभावित दावेदारों के रूप में चर्चा में हैं।
वर्ष 2005 से जिला परिषद में भाजपा का प्रभाव रहा है। पिछले चुनाव में 32 में से 20 वार्डों में भाजपा, 11 में कांग्रेस और एक वार्ड में निर्दलीय प्रत्याशी ने जीत दर्ज की थी। इस बार जिला परिषद में बहुमत हासिल करने के साथ सदस्यों के बीच सहमति बनाना भी पार्टी के लिए महत्वपूर्ण रहेगा।
मतगणना से जिला प्रमुख चुनाव तक का कार्यक्रम
- 20 नवंबर: जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों की मतगणना।
- 25 नवंबर: जिला प्रमुख का चुनाव।
- 26 नवंबर: उप जिला प्रमुख का चुनाव।
- 27 नवंबर: प्रधान का चुनाव।
- 28 नवंबर: उप प्रधान का चुनाव।
भाजपा ने चुनाव परिणाम आने से पहले ही अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। अब मतगणना के बाद जिला परिषद और पंचायत समितियों में किस दल को कितनी सीटें मिलती हैं और जिला प्रमुख व प्रधान के चुनाव में क्या समीकरण बनते हैं, इस पर राजनीतिक दलों की नजर रहेगी। कांग्रेस की ओर से इन चुनावों को लेकर क्या रणनीति अपनाई जाती है, यह भी आगे महत्वपूर्ण रहेगा।