शाहपुरा की बालिका ने दिल्ली विधानसभा में निभाई विपक्ष की ठोस भूमिका।
आज मिट्टी खराब, कल अनाज खराब होगा तो कल थाली जहरीली होगी।
विधानसभा में गूंजा श्रेया का तीखा सवाल।
राष्ट्रीय पर्यावरण बाल संसद में श्रेया ने किया राजस्थान का प्रतिनिधित्व।
कृषि और उर्वरक नीति पर सरकार को घेरा।
शाहपुरा- देव कृष्ण राज पाराशर: राष्ट्रीय पर्यावरण बाल संसद-2026 के राष्ट्रीय सत्र के लिए राजस्थान से एकमात्र चयनित प्रतिनिधि के रूप में शाहपुरा की छात्रा श्रेया कुमावत ने 7 अक्टूबर को दिल्ली विधानसभा में भाग लिया। इस राष्ट्रीय सत्र की शुरुआत दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता के संबोधन से हुई, जिन्होंने बाल प्रतिनिधियों का उत्साहवर्धन किया। इसके बाद देशभर से चयनित 95 बाल प्रतिनिधियों ने पर्यावरण व विकास पर अपने विचार रखे। राजस्थान का प्रतिनिधित्व करती श्रेया ने रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय की विपक्षी मंत्री की भूमिका निभाते हुए सदन में पर्यावरण और कृषि में रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि नाइट्रोजन उर्वरक की पोषण उपयोग दक्षता केवल 30 से 45 प्रतिशत है, जिससे मृदा पोषण असंतुलन और जल प्रदूषण जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। उन्होंने स्मार्ट फर्टिलाइज़र, नैनो यूरिया, बायो-फर्टिलाइज़र और 4- आर सिद्धांत को अपनाने पर जोर दिया। साथ ही, ग्रीन चाइल्ड पॉलिसी के तहत स्कूली बच्चों को व्यावहारिक शिक्षा देने का सुझाव दिया।
“आज मिट्टी खराब, कल अनाज खराब होगा तो कल थाली जहरीली होगी”:- 2 मिनट के अंतिम संबोधन में कुमावत ने यह प्रभावी सवाल उठाया कि जहरीले फर्टिलाइजर से “आज मिट्टी खराब होगी तो कल अनाज खराब होगा, आज पानी जहरीला है तो कल थाली जहरीली होगी, तो क्या सरकार सिर्फ बोरी गिनकर सफलता मनाएगी या आने वाले फ्यूचर को भी बचाएगी?” इस बात पर सदन में सभी नं मेज थपथपाई।
गौरतलब है कि इस बाल संसद के लिए कक्षा 8वीं से 12वीं तक के हजारों विद्यार्थियों ने ऑनलाइन हिस्सा लिया था, जिसमें से क्षेत्रीय स्तर पर 400 और अंतिम चरण में 95 बाल प्रतिनिधि चुने गए थे। जिसमें शाहपुरा के स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल स्कूल की इस श्रेया का चयन हुआ। प्रधानाचार्य राजेश कुमार धाकड़ व स्टाफ ने शुभकामनाएं दीं।
स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल स्कूल, शाहपुरा की कक्षा 9 की मेधावी छात्रा एवं बाल पर्यावरण कार्यकर्ता श्रेया कुमावत ने राष्ट्रीय स्तर पर शाहपुरा और राजस्थान का नाम रोशन कर दिया है।
