15वें वित्त आयोग के कार्यों की ऑनलाइन एंट्री अनिवार्य, लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी
अजमेर। पंचायत राज एवं ग्रामीण विकास विभाग ने प्रदेश के सभी विकास अधिकारियों (बीडीओ) को 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत कराए गए विकास कार्यों का विवरण ई-ग्रामस्वराज–जेम इंटरफेस पोर्टल पर अनिवार्य रूप से दर्ज करने के निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि पोर्टल पर समय पर रजिस्ट्रेशन और अपलोड नहीं होने से केंद्र सरकार से मिलने वाली अनुदान राशि की आगामी किश्त प्रभावित हो सकती है।
आयुक्त कार्यालय की ओर से जारी निर्देशों में कहा गया है कि वर्तमान में कार्यों की ऑनलाइन एंट्री अपेक्षित स्तर पर नहीं हो रही है, जो प्रशासनिक लापरवाही की श्रेणी में आएगा। ऐसे में संबंधित अधिकारियों को शीघ्रता से सभी लंबित कार्यों का विवरण पोर्टल पर अपडेट करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित समयसीमा में अनुपालन नहीं करने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
उल्लेखनीय है कि 15वें वित्त आयोग के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता एवं आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए बजट उपलब्ध कराया जाता है। इसमें नालियों और सड़कों का निर्माण, सार्वजनिक भवनों की मरम्मत, सामुदायिक भवन एवं श्मशान स्थल का निर्माण, पेयजल व्यवस्था सुदृढ़ करने हेतु हैंडपंप, ट्यूबवेल, नाड़ी, कुएं और तालाबों का निर्माण जैसे कार्य शामिल हैं। विभाग ने पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल मॉनिटरिंग प्रणाली को सख्ती से लागू करने के संकेत दिए हैं।