SPECIAL REPORT – दास्तान एक हडपोराम डकारोमल SP की
चॉक्रिये नहीं SP का देशी मतलब सरपंच पति से ही है और हमारे गांव के आस जगने से ही एक ऐसे चतुर, सुजान दन्दी -फन्दी, ज्ञानी -ध्यानी, खानदानी अक्लबन्द, चलते पुर्जो SP साहब का जन्म लेना मुकर्रर हो गया।
SPECIAL REPORT | Awaz Rajasthan Ki –
जब पंचायती राज की 5 साल मियाद बढ़कर 6 साल हो गई तो जाहिर है कि हमारी पंचायत की भी उम्र दराज हो गई आम रस्मो रिवाज की तरह हमारे बनने वाले जनता के नुमायन्दे अपनी दाल – रोटी की जुगत में लग गये SP साहब के मानो बिल्ली के भाग के छींके टूट गया हो जब महिला सीट निकाल गई जिससे जनता जनार्दन ने एक भोली भाली सीधी सादी लाज शर्म से चलने वाली, गाय-भैंस चराने वाली महिला के ही सिर पर सरपंची की ताजपोशी करदी मानो अन्धे के हाथ बटेर लग गई हो आपदा में अवसर मिल गया हो और सरपंची जीतते ही हाथों-हाथ सरपंची का ताज अपने सिर पर रख लिया!
दिला एकपल गवाये पंचायत की जमीन जायदाद, फण्ड बजट और पद की समस्त शक्तियां मानो विरासत में पुश्तैनी जायदाद साथ आई हाँ उसी तरह अपनी जागीर मान ली और खुले आम वैखौफ लूट-खसोट शुरु हो गई
SP साहब से मान लिया कि उन्हें भरा पूरा लम्बा-चौडा गन्ने का खेत और रस निकालने की चरखी दोनो सहज ही सूती पड़ी एक साथ मिल गई है
पहले खुद के हाथों से काट काट कर उखाड-उघाड कर रस निकाल्ने में जुट गये धीरे धीरे छोटे बडे पतले गन्ने के टुकड़ों को भी तीन तीन चार चार बार पेर-पेलकर रस निकालने लगे और ताज्जुब यह कि राते अन्धेरी आती गई, बिजली गुल रहती रही, न कोई कुतिया भौकी न घर धणी- जागे, न मोहल्ले तथा गांव से कोई जाग हुई और तो और सभी चौकीदार 6 साल तक खरोटे लेते रहे या जाग जागकर रस की गिलास पी कर कुभं करणी नींद सो जाते उधर बहती गंगा में नहा कर लोग अपने आप को धन्य मानते रहे
उधर अपने SP साहब ने फर्श से ऐसी छलांग लगाई कि वे सीधे अर्श पर आ धमके, गरीची रेखा तोडते हुए अमीरी रेखा के ऊपर आ पहुंचे। गन्ने और चरखी का ऐसा तालमेल कि गन्ने उछल उछल कर चरखी में घुसते रहे रस की धारे बहती रही लुटने और लूटाने वालो का ऐसा घालमेल, तालमेल पहलीबार देख देख कर आम जनता दंग रह गई।
शेष आगामी अंक में ….