पंचायत स्वामित्व भूमि पर अतिक्रमण सर्वेक्षण हेतु तीन पंचों की कमेटी गठित होगी
अजमेर। ग्राम पंचायतों की आबादी भूमि, खातेदारी भूमि, तालाब और चरागाहों पर बढ़ते अतिक्रमण को लेकर पंचायतीराज विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। विभाग ने जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को निर्देश जारी कर प्रत्येक ग्राम पंचायत में तीन वार्ड पंचों की एक समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं, जो पंचायत स्वामित्व वाली भूमि पर हुए अतिक्रमण का सर्वेक्षण करेगी।
सूत्रों के अनुसार ग्रामीण जनप्रतिनिधियों एवं आमजन से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि पंचायत भूमि पर अतिक्रमण हो रहे हैं और स्थानीय स्तर पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पा रही है। इसे देखते हुए अब सभी प्रकार के अतिक्रमण का विस्तृत ब्यौरा तैयार किया जाएगा। ग्राम विकास अधिकारी को निर्देशित किया गया है कि वह अतिक्रमण से संबंधित विवरण, क्षेत्रफल और प्रकृति का रिकॉर्ड रजिस्टर में संधारित करे तथा अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी करे। निर्धारित अवधि में अतिक्रमण नहीं हटाने पर सरकारी खर्च और हर्जाने सहित कार्रवाई की जाएगी।
निर्देशों में यह भी उल्लेख किया गया है कि यदि पंचायत की आम सहमति बने और संबंधित प्रावधानों के नियम-146 का उल्लंघन न हो, तो अतिक्रमण का विनियमन करते हुए बाजार मूल्य पर भूमि आवंटन पर भी विचार किया जा सकता है। विभाग का उद्देश्य पंचायत संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और भूमि प्रबंधन में पारदर्शिता एवं जवाबदेही स्थापित करना है।