पंचायत चुनाव पर राज्य निर्वाचन आयोग ने सरकार को चेताया:कहा-15 अप्रैल तक इलेक्शन नहीं हुए तो कोर्ट की अवमानना कार्रवाई के लिए अफसर जिम्मेदार होंगे
JAIPUR – प्रदेश में ओबीसी आयोग की रिपोर्ट नहीं मिलने से पंचायतीराज चुनाव में देरी हो रही है। इसे लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने सरकार को चेताया है। सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट के आदेशों के मुताबिक 15 अप्रैल तक पंचायतीराज चुनाव कराए जाने हैं।
राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायतीराज विभाग को लेटर लिखकर चेताया है। आयोग ने लेटर में अफसरों को चेतावनी दी है कि तय समय में चुनाव नहीं हुए और सुप्रीम कोर्ट-हाईकोर्ट ने अवमानना की कार्रवाई की तो इसके लिए पंचायतीराज विभाग के अफसर जिम्मेदार होंगे।
पंचायतीराज संस्थाओं में ओबीसी के आरक्षण वाले वार्ड छांटकर उनकी रिपोर्ट अब तक नहीं मिली है। इसमें देरी होने पर राज्य निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन अधिकारी राजेश वर्मा ने पंचायती राज विभाग को लेटर लिखकर चेताया है। ओबीसी आयोग की रिपोर्ट नहीं मिलने के कारण ओबीसी वार्ड तय नहीं हो पाए हैं। इसके चलते आयोग चुनाव कार्यक्रम की घोषणा नहीं कर पा रहा है।
राज्य निर्वाचन आयोग ने ओबीसी के वार्डों का आरक्षण तय करने के लिए राजस्थान राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग (राजनैतिक प्रतिनिधित्व) आयोग से अब तक रिपोर्ट नहीं आने से हो रही देरी पर दूसरा विकल्प भी सुझाया है। ओबीसी आयोग की रिपोर्ट बिना भी हो सकते हैं चुनाव राज्य निर्वाचन आयोग ने ओबीसी आरक्षण तय नहीं होने पर भी पंचायतीराज चुनाव करवाने का कानूनी उपाय लेटर में सुझाया है। आयोग ने सुप्रीम कोर्ट के वर्ष 2022 में सुरेश महाजन बनाम मध्यप्रदेश सरकार के केस में दिए आदेश का हवाला देते हुए कहा कि यदि ओबीसी आरक्षण के लिए ‘ट्रिपल टेस्ट’ की औपचारिकता पूरी नहीं होती है तो एससी और एसटी के अलावा बचे हुए पदों को ‘सामान्य श्रेणी’ में अधिसूचित किया जाएगा। इसके बाद राज्य निर्वाचन आयोग चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर सकता है।
आयोग ने लिखा- 15 अप्रैल तक अनिवार्य रूप से चुनाव करवाने का आदेश राज्य निर्वाचन आयोग ने लेटर में लिखा है कि राजस्थान हाईकोर्ट ने शीला कुमारी बनाम राज्य सरकार मामले में आदेश दिया है कि पंचायतीराज चुनाव की पूरी कार्यवाही 15 अप्रैल तक अनिवार्य रूप से पूरी कर ली जाए। अभी सरकार से वार्डों के आरक्षण की सूचना नहीं मिलने पर आयोग चुनाव कार्यक्रम घोषित नहीं कर पा रहा है। देरी होने पर कोर्ट की अवमानना होगी और इसकी जिम्मेदारी पंचायतीराज विभाग की होगी।
राज्य निर्वाचन आयोग ने तैयार की वोटर लिस्ट पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव करवाने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग सभी तैयारियां कर चुका है। आयोग 25 फरवरी को ही फाइनल वोटर लिस्ट जारी कर चुका है। ईवीएम और बैलेट बॉक्स की व्यवस्था करके उन्हें अपडेट किया जा चुका है। ट्रेनिंग भी हो चुकी है। राज्य सरकार से वार्डों के आरक्षण की रिपोर्ट मिलते ही आयोग चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर सकता है।