सरकारी अस्पताल छोड़ निजी इलाज पड़ा भारी, इंजेक्शन से महिला की मौत

मेडिकल स्टोर पर इंजेक्शन से महिला की मौत।
शाहपुरा 12 मार्च 2026। हाथ-पैरों में दर्द की समस्या के चलते एक व्यक्ति अपनी पत्नी को उपचार के लिए मेडिकल स्टोर पर ले गया, जहां संचालक द्वारा इंजेक्शन लगाने के बाद महिला की हालत बिगड़ गई और बाद में उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद मृतका के पति ने मेडिकल स्टोर संचालक परglt लापरवाही का आरोप लगाते हुए पुलिस में मामला दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है।
जानकारी के अनुसार गाडरी खेड़ा निवासी सज्जन सिंह भाटी अपनी पत्नी रेखा कंवर को हाथ-पैरों में दर्द की शिकायत के चलते भीलवाड़ा रोड स्थित एक मेडिकल स्टोर पर लेकर गया। वहां मेडिकल स्टोर संचालक ने उपचार के नाम पर पहले ग्लूकोज की बोतल चढ़ाई और साथ ही इंजेक्शन लगाया। पति के अनुसार इंजेक्शन लगते ही रेखा कंवर की तबीयत अचानक बिगड़ गई और वह बेहोश हो गई।
घबराए परिजन तुरंत उसे सरकारी जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। महिला की मौत की खबर मिलते ही अस्पताल परिसर में शोक और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
मृतका के पति सज्जन सिंह भाटी ने पुलिस को दी रिपोर्ट में मेडिकल स्टोर संचालक बलवंत कुमार पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है और उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सरकारी चिकित्सा इकाई से निजी उपचार को प्राथमिकता: उल्लेखनीय है कि सरकार द्वारा सरकारी अस्पतालों में निःशुल्क उपचार के साथ निःशुल्क दवाइयों की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। इसके बावजूद कई लोग निजी क्लीनिकों या मेडिकल स्टोर्स पर उपचार करवाने को प्राथमिकता देते हैं और महंगा इलाज करवाने के बावजूद स्वयं को संतुष्ट मान लेते हैं। कई बार यही प्रवृत्ति लोगों के लिए जोखिमपूर्ण साबित हो जाती है।
निजी क्षेत्र में संचालित अवैधानिक केंद्र बंद हो: स्थानीयस्तर पर यह भी सामने आ रहा है कि निजी क्षेत्र में कई अवैधानिक केंद्र और झोलाछाप डॉक्टर बिना पर्याप्त योग्यता या अनुमति के क्लीनिक संचालित कर रहे हैं। ऐसे केंद्रों पर इलाज करवाना आम लोगों के जीवन के साथ खिलवाड़ करने के समान है। जिला चिकित्सालय प्रशासन और संबंधित विभागों को ऐसे अवैध केंद्रों पर सख्त कार्रवाई करने की नागरिक मांग करबरहे है ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
