ग्राम विकास चौपाल कार्यक्रम: महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाना हमारा लक्ष्य
- मुख्यमंत्री की पुष्कर के कड़ैल में ग्रामीणों के साथ चौपाल, गांव में करेंगे रात्रि विश्राम
- मुख्यमंत्री ने राजीविका से जुड़ी महिलाओं से किया संवाद
- नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिला नेतृत्व की दिशा में मजबूत पहल
पुष्कर/जयपुर, 10 मई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को पुष्कर के कड़ैल में ग्राम विकास चौपाल कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजीविका से जुड़ी महिलाओं से संवाद किया। उन्होंने कहा कि केन्द्र व राज्य सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से समक्ष बनाने के लिए काम कर रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तीकरण के विभिन्न कार्य हो रहे हैं। जिसमें घर-घर शौचालय का निर्माण, उज्ज्वला योजना के तहत गैस सिलेंडर वितरण, हर घर नल से जल और जन-धन खाते खुलवाकर योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाना शामिल है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने महिलाओं के लिए मा वाउचर योजना शुरू की है। बालिकाओं को साइकिल व स्कूटी वितरण किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने लखपति दीदी योजना प्रारंभ की। जिसमें महिलाएं कृषि सखी, बैंक सखी, पशु सखी, ड्रोन दीदी जैसी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। राजीविका के माध्यम से प्रदेश में 17.5 लाख महिलाएं लखपति दीदी बनी हैं। हमारी सरकार महिलाओं को टेबलेट वितरण भी कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लखपति दीदी योजना में महिलाओं को मिलने वाले ऋण की सीमा को 1 लाख से बढ़ाकर डेढ़ लाख रुपये किया गया है। वहीं, ब्याज को 2.5 प्रतिशत से घटाकर 1.5 प्रतिशत किया है। राज्य सरकार निरंतर भर्तियां भी निकाल रही है। साथ ही, स्वरोजगार करने वाले युवाओं को बिना ब्याज के लोन भी उपलब्ध करवा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने महिला नेतृत्व की दिशा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के जरिए लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण की मजबूत पहल की। इससे पहले कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने ग्राम विकास रथ एवं कला जत्थों का अवलोकन किया। इस अवसर पर कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी, जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत, राज्य किसान आयोग अध्यक्ष सी.आर. चौधरी, राजस्थान धरोहर प्राधिकरण अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत, विधायक अनिता भदेल, रामस्वरूप लांबा, शंकर सिंह रावत सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का राजीविका से जुड़ी महिलाओं से संवाद, लखपति दीदियों ने साझा किए अपने अनुभव
स्वयं सहायता समूह से जुड़कर विभिन्न भूमिकाएं निभाई, जिससे मेरी आर्थिक स्थिति मजबूत बनी। राजीविका के तहत मुझे लोन मिला, जिससे मैंने पशुपालन करके अपनी आजीविका बढ़ाई। 2020 से मैं डाटा सखी का काम कर रही हूं। इससे भी मेरी आमदनी बढ़ी है। राज्य सरकार की ओर से डेढ़ लाख रुपये का लोन 1.5 प्रतिशत ब्याज पर हमे मिल रहा है। इसके लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का धन्यवाद।
- डाटा सखी प्रियंका गोस्वामी
मैं पहले साधारण गृहणी थी, लेकिन राजीविका की वजह से आज लखपति दीदी हूं। परिवार की ओर से सहयोग मिला, जिससे मैं घर के बाहर जाकर काम कर पाई। पशु सखी के रूप में काम कर रही हूं। मुझे जो लोन मिला उससे मैंने पशुपालन करना शुरू किया। इससे आज मेरी आर्थिक स्थिति बेहतर हुई है। महिलाओं को आगे बढ़ने के अच्छे अवसर मिल रहे हैं, इसके लिए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का धन्यवाद।
- पशु सखी लक्ष्मी कंवर
मैं एकल महिला हूं। पहले मेरी आर्थिक स्थिति कमजोर थी, इसलिए मैं एसएचजी से जुड़ी। जिसके जरिए मुझे लोन मिला और मैंने सिलाई मशीन खरीदी। काम को बढ़ाने के लिए फिर राजीविका के माध्यम से 40 हजार रुपये का लोन लिया और अन्य महिलाओं को भी जोड़ा। आज सिलाई के काम से मुझे और अन्य महिलाओं को अच्छी आमदनी हो रही है।
- लखपति दीदी नंदू कंवर
वर्ष 2019 में मैं स्वयं सहायता समूह से जुड़ी। आज मेरे कलस्टर में 9 ग्राम पंचायतें एवं 340 समूह जुड़े हुए हैं। जिनका नेतृत्व मैं करती हूं। लखपति दीदी बनने से मुझे लोन मिला और मैंने स्कूटी खरीदी, जिससे मैं फील्ड वर्क आसानी से कर पा रही हूं। मैं पशुपालन भी करती हूं। आज मेरी वार्षिक आय 2 लाख रुपये से अधिक है।
- पशुपालन क्लस्टर मैनेजर शीतल कंवर
मेरी माताजी राजीविका से जुड़ी हुई थी। उन्हें देखकर मैं भी एसएचजी से जुड़ी। शिक्षित होने के कारण मुझे कलस्टर कॉर्डिनेटर की जिम्मेदारी दी गई। आज 10 गांवों में मैं काम कर रही हूं। लेखा-जोखा जैसे अनेक काम राजीविका की मदद से मैंने सीखे हैं। राजीविका ने मेरी शिक्षा ग्रहण करने में मदद की। वहीं, सोलर की टेªनिंग भी दी। मेरी आर्थिक स्थिति पहले से मजबूत है और आज मैं सक्षम हूं।
- सोलर दीदी क्लस्टर कॉर्डिनेटर सिमरन सैनी