आठ सूत्री मांगों को लेकर पंचायतीराज मंत्रालयिक कर्मचारियों का आंदोलन तेज

आठ सूत्री मांगों को लेकर पंचायतीराज मंत्रालयिक कर्मचारियों का आंदोलन तेज
Spread the love

जयपुर पंचायतीराज मंत्रालयिक कर्मचारी संगठन राजस्थान ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ आंदोलन की घोषणा की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं होने की स्थिति में प्रदेशभर के लगभग 16 हजार कर्मचारी चरणबद्ध आंदोलन करेंगे, जिससे पंचायतीराज विभाग का प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो सकता है।

संगठन के प्रदेशाध्यक्ष अशोक निठारवाल ने बुधवार को मीडिया से बातचीत में बताया कि कर्मचारियों की प्रमुख आठ सूत्री मांगों में जॉब चार्ट में संशोधन, मंत्रालयिक संवर्ग का कैडर रिव्यू, पदोन्नति के अवसरों में वृद्धि, ग्रेड-पे बढ़ाकर 3600 रुपए करने, लंबित अंतर-जिला स्थानांतरण नीति लागू करने तथा मेकर-चेकर-अप्रूवर प्रणाली लागू करने की मांग शामिल है।

उन्होंने बताया कि संगठन उत्तराखंड की तर्ज पर पंचायत कर्मचारियों की संपूर्ण सेवा शर्तें लागू करने, प्लेसमेंट एजेंसियों के माध्यम से कार्यरत कार्मिकों का न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपये निर्धारित करने तथा कनिष्ठ लिपिक भर्ती-2013 से जुड़े कर्मचारियों के लंबित हितों एवं लाभों को बहाल करने की भी मांग कर रहा है।

संगठन का आरोप है कि लंबे समय से मांगें लंबित होने के बावजूद सरकार की ओर से कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है, जिससे कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है।

आंदोलन की आगामी रणनीति के तहत संगठन ने 24 और 25 जून को जयपुर कूच करने की घोषणा की है। इसके बाद 6 जुलाई को मुख्यमंत्री आवास के घेराव का कार्यक्रम प्रस्तावित किया गया है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि इसके बावजूद मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ तो 7 जुलाई को जयपुर स्थित जलमहल पर सामूहिक जलसमाधि आंदोलन किया जाएगा।

संगठन ने राज्य सरकार से कर्मचारियों की मांगों पर संवेदनशीलता के साथ विचार कर शीघ्र समाधान निकालने की मांग की है।

admin - awaz rajasthan ki

Related articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *