पंचायतीराज चुनाव का मामला फिर पहुंचेगा कोर्ट, संयम लोढ़ा राज्य निर्वाचन आयुक्त और मुख्य सचिव को भेजेंगे नोटिस!

पंचायतीराज चुनाव का मामला फिर पहुंचेगा कोर्ट, संयम लोढ़ा राज्य निर्वाचन आयुक्त और मुख्य सचिव को भेजेंगे नोटिस!
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जयपुर। राजस्थान में पंचायतीराज चुनाव की आरक्षण लॉटरी का मामला एक बार फिर राजस्थान हाईकोर्ट पहुंच सकता है। कांग्रेस नेता संयम लोढ़ा ने वार्ड आरक्षण और चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी लॉटरी स्थगित किए जाने पर कड़ी आपत्ति जताते हुए अवमानना याचिका दायर करने की चेतावनी दी है।

लोढ़ा का कहना है कि यदि लॉटरी प्रक्रिया को तत्काल पूरा नहीं किया गया तो वे हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर करेंगे। उन्होंने मुख्य सचिव, राज्य निर्वाचन आयुक्त, पंचायतीराज विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव और पंचायतीराज आयुक्त को कानूनी नोटिस भेजने की बात कही है।

हाईकोर्ट के आदेश का उल्लंघन करने का आरोप

संयम लोढ़ा ने पंचायतीराज वार्ड आरक्षण लॉटरी की प्रक्रिया स्थगित किए जाने को हाईकोर्ट के आदेश का उल्लंघन बताया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग को नवंबर तक चुनाव प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश मिले थे।

लोढ़ा के अनुसार, हाईकोर्ट ने लॉटरी प्रक्रिया 15 अगस्त तक पूरी करने और इसके बाद चुनाव कार्यक्रम घोषित करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद 16 अगस्त की शाम अचानक लॉटरी प्रक्रिया स्थगित कर दी गई, जिसे उन्होंने अदालत के निर्देशों की अवहेलना बताया।

अब सितंबर में होगी आरक्षण लॉटरी

पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 17 अगस्त को प्रधान, पंचायत समिति सदस्य, जिला परिषद सदस्य, सरपंच और वार्ड पंचों के पदों के लिए आरक्षण लॉटरी आयोजित की जानी थी। हालांकि प्रक्रिया स्थगित होने के बाद अब नई तिथियां निर्धारित की गई हैं।

संशोधित कार्यक्रम के अनुसार प्रधान, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य पदों की आरक्षण लॉटरी 17 सितंबर को होगी, जबकि सरपंच और वार्ड पंच पदों की आरक्षण लॉटरी 18 सितंबर को प्रस्तावित है।

लोढ़ा ने कहा कि जब हाईकोर्ट में चुनाव कार्यक्रम को लेकर सुनवाई हुई थी, उस समय संबंधित अधिकारी ऑनलाइन मौजूद थे और मुख्य सचिव की बैठक के आधार पर तैयार कार्यक्रम न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया था। ऐसे में बाद में लॉटरी प्रक्रिया स्थगित करना न्यायालय के निर्देशों की अवमानना के दायरे में आता है।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि राज्य सरकार और निर्वाचन आयोग ने प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं की और आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई तो मामले को लेकर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाएगा।

admin - awaz rajasthan ki

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