शाहपुरा में तबाही मचाकर गुज़रा तूफान।






शाहपुरा में तबाही मचाकर गुज़रा तूफान।
सैकड़ों पेड़ जड़ से उखड़े।
बिजली व्यवस्था ठप, रातभर अंधेरे में डूबा रहा शाहपुरा।
मेगा ट्रेड मेले में तबाही का मंजर देख गया।
प्रशासन नदारद, राहत कार्य बाधित, निजी इंटरनेट सेवा भी ठप
शाहपुरा, 22 मई- देव कृष्ण राज पाराशर। गुरुवार को शाहपुरा में मौसम का अचानक बदला मिजाज भारी तबाही का कारण बन गया। दोपहर बाद तेज अंधड़ और मूसलाधार बारिश ने तूफान का रूप ले लिया। दिल्ली जैसे हालातों की पुनरावृत्ति करते हुए इस प्राकृतिक आपदा ने पूरे नगर की व्यवस्था को चरमरा दिया।
भीषण हवाओं ने मचाई तबाही:- तेज रफ्तार हवाएं इतनी प्रचंड थीं कि मकानों की छतों पर लगी चद्दरें ताश के पत्तों की तरह उड़ गये और कई सौ मीटर दूर जा गिरे। कई घरों, दुकानों और वाहनों को नुकसान पहुंचा। नगर के विभिन्न हिस्सों में सैकड़ों पेड़ उखड़ गए, जिससे विद्युत लाइनें टूट गईं और शाहपुरा अंधेरे में डूब गया।
मेला परिसर में तबाही का मंजर:- राउमा विद्यालय परिसर में लगे 20 दिवसीय मेले में तूफान से वहां तबाही का मंजर देखने को मिला। अफरा-तफरी का माहौल बन गया। अस्थायी रूप से लगीं करीब 35 दुकानें, आकाशीय झूले, और चकरी झूले पूरी तरह से धराशायी हो गए। लाखों रुपये का माल पानी में भीग कर खराब हो गया। दुकानदारों ने बताया कि तेज हवाओं और बारिश के बीच दुकानों में फंसे लोगों को एक-दूसरे की मदद से किसी तरह बाहर निकाला।
बड़े भवनों और वाहनों को नुकसान:- राष्ट्रीय कवि कैलाश मंडेला के चार मंजिला भवन की छत से लगे टिन शेड 500 मीटर दूर खेत में जा गिरे। कई भवनों की खिड़कियों के कांच और छज्जे टूटकर गिर गए। आदर्श नगर में मेल नर्स ओम प्रकाश शर्मा के मकान की छत का हिस्सा नीचे खड़ी कार पर गिर गया। राउप्रा विद्यालय परिसर में एक नीम का विशाल पेड़ गायत्री देवी जैन के घर पर गिर गया, जिससे परिजन घर छोड़कर बाहर भागने को मजबूर हो गए।
त्रिमूर्ति सर्किल पर यश इलेक्ट्रिक की दुकान पर एक भारी पीपल का पेड़ गिरा, जिससे वहां खड़े कई लोग बाल-बाल बचे। उम्मीदसासागर चौराहे पर मुखर्जी सर्किल की दीवारों पर भी पेड़ गिरने से बड़ा नुकसान हुआ। बारिश के पानी की बौछार इतनी तेज थी कि दुकानदारों को शटर गिराने पड़े। तेल मिल के 200 फीट लंबे गोदाम की तीन की छतें उड़ गईं और दो दीवारें ढह गईं। गोदाम में रखा कच्चा माल पूरी तरह बारिश में खराब हो गया।
विद्युत आपूर्ति ठप, टावर झुके:- बोराडा मार्ग पर एक दर्जन विद्युत पोल धराशायी हो गए। आसींद रोड पर 33 केवी हाई पावर लाइन के टावर झुक जाने से पूरे शहर में ब्लैकआउट हो गया। विद्युत विभाग के अधिकारियों के अनुसार कई स्थानों पर पेड़ बिजली तारों पर गिरे होने के कारण रातभर आपूर्ति बहाल नहीं की जा सकी। विद्युत आपूर्ति ठप होने और टावरों के झुकने से निजी कंपनियों की इंटरनेट सेवाएं भी बाधित रहीं, जिससे आम जनजीवन और व्यापार प्रभावित हुआ।
प्रशासन नदारद, जनता में रोष:- तूफान के दौरान कार्यवाहक एसडीएम बाबूलाल के अवकाश पर होने से प्रशासनिक नेतृत्व का अभाव रहा। नगरवासी प्रशासन की निष्क्रियता से आक्रोशित दिखे। आपदा प्रबंधन टीम कहीं नजर नहीं आई। नगर सभापति रघुनंदन सोनी ने कुछ वार्डों का दौरा कर सफाईकर्मियों को बुलाकर रेस्क्यू शुरू करवाया, लेकिन अंधेरे में कार्य रोकना पड़ा।तूफान के दौरान पक्षियों के घोंसले उजड़ गए, कई पक्षियों की जान चली गई।
उल्लेखनीय है कि शाहपुरा में आए इस अचानक तूफान ने न केवल आर्थिक क्षति हुई बल्कि प्रशासनिक तैयारियों की पोल भी खोल दी। कुछ बुजुर्गों का कहना था कि अपने जीवन में तबाही का ऐसा मंजर पहली बार देखा।
इनका कहना है:- ऐसे हालातों की सूचना मिलते ही बारिश के बीच नगर के कई वार्डो में हालातों का जायजा लिया। परिषद के 2 दर्जन से अधिक सफाईकर्मियों, कर्मचारियों को आपातकाल में फोन कर घरों से बुलाकर नगर के कई क्षेत्रों में बंद नालों को खुलवाए। टीम सदस्यो को अंधेरा होने से रेस्क्यू ऑपरेशन बंद करना पड़ा। रघुनंदन सोनी, नगर परिषद सभापति, शाहपुरा