नगर पालिका के नाम से 3 फर्जी पट्टे, 3 फर्जी शुद्धि पत्र।
नगर पालिका के नाम से 3 फर्जी पट्टे, 3 फर्जी शुद्धि पत्र।
उप पंजीयक विभाग के नाम से 6 फर्जी रजिस्ट्री की तैयार।
जालसाजी और कूटरचित दस्तावेज तैयार कर 40 लाख का लॉन जारी करवाया।
2 माह से फाइनेंस कंपनी के काट रहा था चक्कर।
शाहपुरा 18 अप्रैल2026। शाहपुरा नगर पालिका के नाम से 3 भू-खंडों के 3 फर्जी पट्टे व 3 फर्जी शुद्धि पत्र तथा उप पंजीयक कार्यालय, शाहपुरा के नाम से 6 फर्जी रजिस्ट्री बनाने का मामला शाहपुरा उप पंजीयन अधिकारी(तहसीलदार) के सामने आने के बाद अधिकारी द्वारा थाने में रिपोर्ट देने के बाद शाहपुरा नागरिकों के बीच हड़कंप मच गया।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार को तहसीलदार भीवराज परिहार के सामने जालसाजी और कूटरचित दस्तावेज तैयार कर वर्ष 2023 में लाखों रुपए की तीन भू-खंडों की 6 रजिस्ट्री के आधार पर 3 अवैध पट्टा जारी होने का एक सनसनीखेज मामला सामने आने पर स्वयं तहसीलदार ने पुलिस एवं नगरपालिका को षड्यंत्र की जानकारी देते हुए जांच के आदेश दिए।
यह था मामला: तहसीलदार ने पुलिस को दी रिपोर्ट में गंधेर (जहाजपुर) निवासी रूपा लाल धाकड़ पर आरोप लगाते हुए बताया कि उक्त संदिग्ध व्यक्ति ने षडयंत्र रच कर वर्ष 2023 में नगर के शांति नगर की खसरा नंबर 6544 की भूमि में प्लॉट 52,53 व 54 नंबर के तीनों प्लेटों के पट्टे जारी कर तीनों भूखंडों की उप पंजीयक विभाजक की फर्जी रबर स्टाम्प और उप पंजीयक अधिकारी के फर्जी हस्ताक्षरों का सहारा लेकर 3 फर्जी रजिस्ट्री तैयार करली।
षड्यंत्र, 40 लाख का लॉन हुआ स्वीकृत: सूत्रों ने बताया कि 3 फर्जी पट्टो की मार्केट वैल्यू 53 लाख रुपए निकलने के बाद संदिग्ध ने चोला मंगलम इन्वेस्टमेंट एंड फाइनेंस कंपनी ली. से 40 लाख रुपए का लॉन की मांग की। दस्तावेजों तकनीकी खामी आने से फाइनेंस कंपनी ने पट्टे व रजिस्ट्री का शुद्धिकरण करवाने को कहा।
2 माह तक फाइनेंस कंपनी के चक्कर लगाने के बाद इसी क्रम में संदिग्ध व्यक्ति ने दिनांक 13 अप्रैल 2026 को उन्हीं भूखंडों के शुद्धि पत्र की रजिस्ट्री भी फर्जी तरीके से तैयार फाइनेंस कंपनी में दस्तावेज दे दिए। फाइनेंस कंपनी 40 लाख के लॉन स्वीकृत कर दिया। शुद्धि पत्र के दौरान यह षड्यंत्र सामने आने पर फाइनेंस कंपनी ने 40 लाख के स्वीकृत लॉन पर रोक लगादी।
ऐसे खुला फर्जीवाड़े का राज: लॉन स्वीकृत होते ही फाइनेंस कंपनी के प्रतिनिधि पट्टा, रजिस्ट्री एवं भूखंडों का सत्यापन करने शाहपुरा पहुंचे। पालिका रिकॉर्ड में इस नाम के कोई पट्टे तथा उप पंजीयक कार्यालय में भी संबंधित रजिस्ट्री का कोई रिकॉर्ड नहीं मिलने पर उप पंजीयक अधिकारी भीवराज परिहार ने जालसाजी पकड़ ली और पुलिस को मामले की जांच सौंपी।
इन बारीकियों से भी खुला राज: उप पंजीयक विभाग़ की फर्जी रबर स्टाम्प और उप पंजीयक अधिकारी के फर्जी हस्ताक्षरों के साथ प्रजेंटेशन एंडोर्समेंट, एंडोर्समेंट ऑफ एक्जीक्यूशन था रजिस्ट्रेशन एंडोर्समेंट, 14 डिजिट पंजीकरण संख्याओं में हेरफेर कर गलत ढंग से प्रदर्शित करने विभाग की सील छोटी के स्थान पर बड़ी गोल सील के होने, पंजीयन विभाग की सील में जी की मात्रा अशुद्ध होने ऐसी कई बारीके गलतियों के कारण मामला पकड़ा गया।
राजस्थान सरकार ने ऐसे जालसाजी के बढ़ते मामलों पर लगाम लगाने के लिए हाल ही में 2 दिसंबर 2025 को एक आदेश जारी किया जिसके तहत किसी भी बैंकिंग संस्थाओं द्वारा लोन के दौरान ऋणदाता के रहन रखने वाले दत्तावेजों का पंजीयन करना अनिवार्य कर दिया। इस मामले में फाइनेंस कंपनी के प्रतिनिधि, सर्वेयर उक्त दत्तावेजों सत्यापन के साथ पंजीयन करवाने लाने पर षड्यंत्र जालसाजी का मामला सामने आया है। जांच में पाए दोषियों के खिलाफ ठोस कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। भीवराज परिहार, उप पंजीयक अधिकारी, शाहपुरा