सियार के हमले में बच्चे, महिला सहित तीन घायल

तस्वारियाखुर्द में सियारों का आतंक: बच्चे-महिला सहित तीन घायल।
घायलों का अस्पताल में करवाया उपचार।
ग्रामीणों में खौफ, क्षेत्र में फैली सनसनी।
शाहपुरा 3 अगस्त 2025। शाहपुरा तहसील के तस्वारियाखुर्द गांव में सियारों के झुंड ने शनिवार देर सायं ग्रामीणों पर कहर बरपाया। इस हिंसक हमले में एक बच्चे, एक महिला और एक युवक घायल हो गए। इस घटना ने उत्तर प्रदेश के उन भयावह सियार हमलों की याद ताजा कर दी, जहां सियारों ने गांव-गांव में दहशत फैलाई थी।
जानकारी के मुताबिक सीमा गाडरी(28) अपने चार वर्षीय बेटे आयुष के साथ बाड़े से घर लौट रही थी। अचानक जंगल से निकले सियारों के झुंड में से एक सियार ने बच्चे पर हमला कर दिया। बच्चे को बचाने की कोशिश में सीमा सियार से भिड़ गई, लेकिन सियार ने उस पर भी हमला कर दिया। शोर सुनकर पास ही मौजूद ग्रामीण पिंटू वैष्णव (40) ने बचाव का प्रयास किया, मगर सियार उस पर भी टूट पड़ा और घायल कर दिया। चीख-पुकार सुनकर कैलाश माली, सत्येंद्र भंडारी और अन्य ग्रामीण मौके पर पहुंचे, जिसके बाद सियारों का झुंड जंगल की ओर भाग गया। घायलों को तुरंत शाहपुरा जिला चिकित्सालय ले जाया गया, जहां उनका उपचार करवाया गया।
ग्रामीणों में खौफ, सियार मिला मृत: घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल होने से लोग रात में ही लाठी डंडों के साथ निकल पड़े। बताया गया कि रविवार सुबह जंगल में एक सियार को मृत पाया गया। ग्रामीणों का कहना है कि सियारों का झुंड अक्सर सूरज ढलने के बाद तालाब और गांव के आसपास मंडराता रहता है। इस घटना ने ग्रामीणों को और सतर्क कर दिया है। लोग रविवार को झुंड बनाकर लाठियां, डंडे लेकर खेतों व कुओं की ओर जा रहे हैं।
यूपी की घटना से सबक: यह हमला उत्तर प्रदेश के उन सियार हमलों की याद दिलाता है, जहां सियारों ने गांवों में बच्चों और ग्रामीणों पर लगातार हमले कर दहशत मचाई थी।
मोबाइल से सतर्कता बरतने का संदेश: ग्रामीणों ने इस घटना से सबक लेते हुए मोबाइल संदेशों के जरिए रात्रि में घरों व दिन में खेतों में एक-दूसरे को सतर्क रहने की सलाह दी है।
कैलाश माली और अन्य ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि सियारों के इस खतरे को नियंत्रित करने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं। वन विभाग को सियारों के झुंड की गतिविधियों पर नजर रखनी चाहिए और गांवों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। इस घटना से लोग आशंकित है। ग्रामीण अब एकजुट होकर अपनी और अपने बच्चों की सुरक्षा के लिए कदम उठा रहे हैं ताकि यूपी जैसी स्थिति उनके गांव में ना हो।

