सात दिन में मांगी शिकायत की जांच रिपोर्ट
अजमेर। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग ने सेवानिवृत्त कार्मिक के लंबित परिलाभों में देरी और गलत तथ्य प्रस्तुत करने के मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश जारी किए हैं। विभाग ने जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) रामप्रकाश को निर्देश दिया है कि शिकायत की विस्तृत जांच कर सात दिनों के भीतर तथ्यात्मक रिपोर्ट विभाग को प्रेषित करें।
सूत्रों के अनुसार, पंचायत समिति जवाजा के सेवानिवृत्त ग्रामसेवक एवं पदेन सचिव अमरनाथ शर्मा ने विभाग को शिकायत भेजकर आरोप लगाया कि अधिशासी अभियंता दिलीप जादवानी और अनिल अरोड़ा सहित तत्कालीन जवाजा पंचायत समिति के विकास अधिकारी ने उनके सेवानिवृत्ति लाभों में अनावश्यक विलंब किया और विभाग को गलत तथ्य प्रस्तुत किए। इसके कारण उन्हें अब तक सेवा-सम्बंधित परिलाभ प्राप्त नहीं हो पाए हैं।
शिकायत मिलने के बाद उपायुक्त एवं संयुक्त शासन सचिव (द्वितीय) रामनारायण बड़गुर्जर ने जिला परिषद CEO को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मामले की निष्पक्ष जांच कर रिपोर्ट के साथ अपनी टिप्पणी भी संलग्न करें, ताकि दोषी कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
इसके साथ ही बड़गुर्जर ने यह भी कहा कि यदि जांच में किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही प्रमाणित होती है, तो उसके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई अनिवार्य रूप से की जाए।