36 साल बाद बदलेगा राजस्थान बीजेपी मुख्यालय, मानसरोवर में बनेगा नया कार्यालय
जयपुर:
राजस्थान की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिलने वाला है। भारतीय जनता पार्टी ने करीब 36 साल पुराने अपने प्रदेश मुख्यालय को बदलने का फैसला कर लिया है। जयपुर में जिस भवन से पार्टी तीन दशकों से अधिक समय से अपनी राजनीतिक गतिविधियां संचालित कर रही थी, अब वह इतिहास बनने जा रहा है।
यह कार्यालय 36 साल पहले पूर्व मुख्यमंत्री भैरों सिंह शेखावत द्वारा शुरू किया गया था, जो लंबे समय तक पार्टी की गतिविधियों का केंद्र बना रहा।
मानसरोवर में बनेगा नया शक्ति केंद्र
पार्टी ने जयपुर के मानसरोवर इलाके में नए प्रदेश मुख्यालय के लिए जमीन चिन्हित कर ली है। भूमि आवंटन की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। प्रदेश भाजपा की ओर से भेजा गया प्रस्ताव अब यूडीएच विभाग के पास है, जहां से औपचारिकताएं पूरी होने के बाद इसे मुख्यमंत्री कार्यालय भेजा जाएगा।
सरकार की भूमि आवंटन नीति-2025 के तहत किसी भी राष्ट्रीय दल को प्रदेश में एक स्थान पर 6 हजार वर्ग मीटर तक जमीन रियायती दर पर देने का प्रावधान है। इसी नीति के तहत यह आवंटन किया जा रहा है।
कांग्रेस भी अपना चुकी है यही मॉडल
दिलचस्प बात यह है कि पूर्ववर्ती सरकार के दौरान कांग्रेस ने भी इसी नीति के तहत मानसरोवर क्षेत्र में अपने कार्यालय के लिए जमीन आवंटित करवाई थी। यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि प्रदेश कार्यालय के साथ-साथ विभिन्न जिलों से भी नए कार्यालयों के लिए आवेदन प्राप्त हुए हैं।
जिलों में भी विस्तार की तैयारी
बीजेपी की योजना केवल जयपुर तक सीमित नहीं है। पार्टी प्रदेशभर में अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने के लिए जिला स्तर पर भी नए कार्यालय बना रही है।
जयपुर के अलावा सवाई माधोपुर, झुंझुनूं और झालावाड़ जैसे जिलों में नए कार्यालयों के लिए जमीन की तलाश जारी है। पिछले छह वर्षों में पार्टी 22 जिलों में अपने कार्यालय तैयार कर चुकी है, जिनमें से 15 जिलों में कामकाज शुरू हो चुका है।
टोंक, बूंदी, प्रतापगढ़, बाड़मेर, चूरू, डूंगरपुर और पाली में बने कार्यालय उद्घाटन के लिए तैयार हैं। संभावना है कि मई 2026 में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के राजस्थान दौरे के दौरान इनका लोकार्पण किया जा सकता है।
इतिहास से जुड़ा रहा मौजूदा कार्यालय
वर्तमान मुख्यालय का राजनीतिक इतिहास काफी समृद्ध रहा है। 1980 में पार्टी गठन के बाद शुरुआत में जालूपुरा के एक छोटे भवन से संचालन होता था।
इसके बाद फरवरी 1990 में जब भैरों सिंह शेखावत मुख्यमंत्री बने, तो उन्होंने अपने सरकारी आवास को ही पार्टी का स्थायी कार्यालय बना दिया। तब से यह भवन बीजेपी की रणनीति और महत्वपूर्ण फैसलों का केंद्र बना रहा।
इस कार्यालय की एक खास पहचान यहां स्थापित काले गणेश जी की प्रतिमा भी रही है, जो इसे अन्य कार्यालयों से अलग बनाती है। अब 36 वर्षों की राजनीतिक विरासत को समेटे यह कार्यालय जल्द ही नए पते पर स्थानांतरित होने जा रहा है।