शाहपुरा की बेटी की आवाज विधानसभा में गुंजी, शिक्षा नीतियों पर खड़े किए सवाल।

शाहपुरा की बेटी संध्या की विधानसभा की युवा संसद में गुंजी आवाज।
शिक्षा व्यवस्था की खामियों को किया उजागर।
शिक्षा के क्षेत्र में हमारे सिस्टम सुधारने की आवश्यकता जताई।
अच्छी शिक्षा मिलती तो हमारा देश अब तक विश्वगुरु बन चुका होता।
शाहपुरा 16 दिसम्बर। सोमवार को राजस्थान विधानसभा में विधानसभा अध्यक्ष वासुदेवनानी तथा शिक्षा मंत्री मदन दिलावर की अगुवाई में आयोजित युवा संसद में छात्र-छात्राओं ने शिक्षा व्यवस्था की कमियों पर तीखे सवाल खड़े किए। सदन के विशेष सत्र में प्रदेशभर से आए युवा प्रतिनिधियों ने स्कूलों की जमीनी हकीकत और सरकारी योजनाओं के कमजोर क्रियान्वयन पर चिंता जताई।
युवा संसद में शाहपुरा की बिटिया संध्या राजेश चेचानी ने विपक्ष की भूमिका निभाते हुए सरकार की शिक्षा नीतियों पर बड़े सवाल खड़े किए। धारा प्रवाह रूप से फर्राटेदार इंग्लिश में चेचानी ने 3मिनिट के अपने संवाद में कहा अगर युवाओं को सही मायने में अच्छी शिक्षा मिलती तो हमारा देश अब तक विश्वगुरु बन चुका होता। यही आरोप लगाते हुए उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शिक्षा से जुड़ी कई योजनाएं कागजों में सिमटी हुई हैं और धरातल पर प्रभावी रूप से लागू नहीं हो पा रहीं। विद्यालयों में यदि शिक्षाविद ईमानदारी से ध्यान दें और गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई सुनिश्चित करें तो युवा कोचिंग सेंटरों की ओर पलायन नहीं करेंगे। वर्तमान हालात में अभिभावक अपनी मेहनत की कमाई महंगी कोचिंगों पर खर्च करने को मजबूर हैं, फिर भी अनेक युवा मानसिक दबाव और प्रतिस्पर्धा के बोझ तले टूट रहे हैं। संध्या ने बड़ा सवाल किया कि ऐसी स्थिति में क्या सरकार स्वयं संज्ञान लेकर यह मानेगी कि यह व्यवस्था ही विद्यार्थियों की हत्या कर रही है।
अंत मे सन्ध्या ने युवा संसद से मांग की कि सरकार नकलमुक्त परीक्षा, प्रशिक्षित शिक्षकों की नियुक्ति, पर्याप्त संसाधन आदि जैसे मुद्दों पर ठोस पहल करे, सिस्टम में सुधार लाये तांकि इन युवाओं के कारण देश विश्व गुरु बने।
उल्लेखनीय है कि इस युवा संसद के राज्य के 170 बच्चों ने पार्टिसिपेट किया जिसमें से केवल 40 बच्चों को बोलने का मौका मिला और भीलवाड़ा से सिर्फ चेचानी ने शिक्षा सुधार पर अपना संवाद प्रस्तुत किया। जिसे सुनकर विधनसभा में तालियो से गूंज उठी।
