‘मेरा गांव–मेरी धरोहर’ अभियान को मिलेगी नई गतिसभी जिलों में तीन-तीन अधिकारी बनाए जाएंगे
अजमेर।ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज विभाग द्वारा संचालित ‘मेरा गांव–मेरी धरोहर’ (एमजीएमडी) अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए राज्य स्तर पर नई पहल की जा रही है। इसके तहत प्रदेश के प्रत्येक जिले से तीन अधिकारियों को मास्टर ट्रेनर के रूप में तैयार किया जाएगा, जो आगे गांव-गांव तक अभियान को पहुंचाने का कार्य करेंगे।सूत्रों के अनुसार अतिरिक्त आयुक्त एवं संयुक्त शासन सचिव ब्रजेश कुमार चांदोलिया ने प्रदेश की सभी जिला परिषदों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। निर्देशों के तहत प्रत्येक जिले से पंचायत समिति के विकास अधिकारी (बीडीओ), महिला एवं बाल विकास विभाग तथा पंचायत राज से संबंधित अन्य विभागों के एक-एक जिला स्तरीय अधिकारी को चयनित किया जाएगा। चयनित अधिकारी 9 जनवरी से इंदिरा गांधी पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास संस्थान में आयोजित राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला में भाग लेंगे।प्रशिक्षण के उपरांत ये अधिकारी मास्टर ट्रेनर के रूप में अपने-अपने जिलों में केन्द्रीय पंचायती राज मंत्रालय एवं संस्कृति मंत्रालय के संयुक्त तत्वावधान में संचालित ‘मेरा गांव–मेरी धरोहर’ अभियान के अंतर्गत कार्य करेंगे। वे ग्राम स्तरीय सांस्कृतिक धरोहरों की पहचान, अभिलेखन, सत्यापन एवं सामुदायिक अनुमोदन की प्रक्रिया में ग्रामीणों को जागरूक करेंगे।अभियान का उद्देश्यइस अभियान का मुख्य उद्देश्य देश के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में फैले लगभग 6.5 लाख गांवों की सांस्कृतिक, कृषि एवं वानिकी परंपराओं का मानचित्रण करना है। साथ ही ग्रामीण समुदायों में आर्थिक विकास, सामाजिक सद्भाव एवं कलात्मक उन्नयन को बढ़ावा देना भी इसका प्रमुख लक्ष्य है। इसके अंतर्गत किसानों को कृषि विकास से संबंधित आवश्यक जानकारी, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और तकनीकी सलाह नियमित रूप से उपलब्ध कराई जाएगी।