आखिर 6 माह टिक पाई राजस्थान यूथ कांग्रेस कार्यकारिणी!
जयपुर: राजस्थान यूथ कांग्रेस में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। महज 6 महीने पहले बनी 225 सदस्यीय कार्यकारिणी को पार्टी नेतृत्व ने भंग कर दिया है। जुलाई 2025 में जोश-खरोश के साथ गठित की गई यह कार्यकारिणी आंतरिक गुटबाजी की भेंट चढ़ गई और पूरी तरह से निष्क्रिय हो गई थी। अब पार्टी ने सख्त फैसला लेते हुए पूरी टीम को विसर्जित कर दिया है और जल्द ही एक नई, छोटी और मेरिट-आधारित कार्यकारिणी का गठन किया जाएगा।
जुलाई 2025 में बनी थी 225 सदस्यीय कार्यकारिणी
जुलाई 2025 में राजस्थान यूथ कांग्रेस में 225 प्रदेश पदाधिकारियों की नियुक्ति की गई थी। उस समय पार्टी ने युवाओं को सशक्त करने और संगठन को मजबूत बनाने का दावा किया था। लेकिन यह कार्यकारिणी शुरुआत से ही विवादों में घिरी रही। पदों के बंटवारे को लेकर असंतोष था और कई युवा नेता खुलकर अपनी नाराजगी जता रहे थे।
तीन पावर सेंटर बने गुटबाजी की जड़
राजस्थान यूथ कांग्रेस में समस्या की असली जड़ तीन अलग-अलग पावर सेंटर्स का होना था। संगठन में एक नहीं बल्कि तीन धड़े सक्रिय हो गए, जिनमें से हर कोई अपना वर्चस्व स्थापित करने की कोशिश में लगा रहा। इस आंतरिक खींचतान ने कार्यकारिणी को पूरी तरह से लकवाग्रस्त कर दिया।
युवा नेताओं के बीच सामंजस्य की कमी, एक-दूसरे के खिलाफ शिकायतें और काम में गैर-सहयोग की प्रवृत्ति ने संगठन को खोखला कर दिया। नतीजा यह रहा कि कार्यकारिणी केवल कागजों पर रह गई और जमीनी स्तर पर इसका कोई असर नहीं रहा।
लगभग निष्क्रिय हो गई थी पूरी कार्यकारिणी
गुटबाजी का सीधा असर यूथ कांग्रेस की कार्यशैली पर पड़ा। कार्यकारिणी के सदस्य एक-दूसरे के साथ मिलकर काम करने की बजाय अपने-अपने गुटों को मजबूत करने में लगे रहे। पार्टी की गतिविधियां ठप हो गईं, युवाओं को जोड़ने की मुहिम कमजोर पड़ी और सोशल मीडिया पर भी यूथ कांग्रेस की उपस्थिति धुंधली हो गई।
पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के लिए यह चिंता का विषय बन गया कि एक ऐसा संगठन जो पार्टी की भविष्य की ताकत माना जाता है, वह खुद आंतरिक कलह में उलझा हुआ है।
नेतृत्व ने लिया कड़ा फैसला, भंग की गई पूरी कार्यकारिणी
राजस्थान कांग्रेस नेतृत्व ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए कड़ा निर्णय लिया। पूरी 225 सदस्यीय कार्यकारिणी को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया गया। यह फैसला साफ संदेश देता है कि पार्टी अब गुटबाजी और निष्क्रियता को बर्दाश्त नहीं करेगी।
नेतृत्व का मानना है कि इतनी बड़ी कार्यकारिणी प्रभावी ढंग से काम नहीं कर सकती। साथ ही, सिफारिशों के आधार पर नियुक्तियां होने से अयोग्य लोग भी पदों पर आ जाते हैं, जो संगठन के लिए घातक साबित होता है।
अब बनेगी छोटी और मेरिट-आधारित कार्यकारिणी
नई व्यवस्था में राजस्थान यूथ कांग्रेस की एक छोटी लेकिन कुशल कार्यकारिणी का गठन किया जाएगा। इस बार सिफारिशों को दरकिनार करते हुए पूरी तरह से मेरिट के आधार पर पदाधिकारी मनोनीत किए जाएंगे। योग्यता, कार्यक्षमता और पार्टी के प्रति समर्पण को प्राथमिकता दी जाएगी।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, नई कार्यकारिणी में केवल वही युवा नेता शामिल होंगे जो वास्तव में मैदान में काम करने के लिए तैयार हैं। पद के लिए नहीं, बल्कि जिम्मेदारी उठाने के लिए जो प्रतिबद्ध हैं, उन्हें ही मौका मिलेगा।
क्या होगा नई कार्यकारिणी का स्वरूप?
हालांकि अभी तक नई कार्यकारिणी के सदस्यों की संख्या तय नहीं की गई है, लेकिन अनुमान है कि यह 50 से 75 सदस्यों के बीच होगी। छोटे आकार से बेहतर समन्वय, त्वरित निर्णय और प्रभावी क्रियान्वयन संभव होगा।
नई टीम में प्रत्येक सदस्य को स्पष्ट जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी और उनके प्रदर्शन की नियमित समीक्षा होगी। पार्टी ने यह भी संकेत दिया है कि अब performance-based राजनीति को बढ़ावा दिया जाएगा।