स्वच्छता को लेकर नया अभियान: ‘मेरा उदयपुर–मेरी पहचान’ 31 मार्च तक चलेगा
उदयपुर। आगामी स्वच्छता सर्वेक्षण में उदयपुर को देश के शीर्ष शहरों में शामिल कराने और शहर को स्वच्छ व सुंदर बनाए रखने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने विशेष अभियान की शुरुआत की है। जिला कलेक्टर नमित मेहता की पहल पर ‘मेरा उदयपुर–मेरी पहचान’ नामक यह अभियान 31 मार्च तक संचालित किया जाएगा।
सोमवार को जिला परिषद सभागार में कलेक्टर की अध्यक्षता में अभियान की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गईं।
कलेक्टर बोले—उदयपुर की पहचान स्वच्छता से और मजबूत होगी
जिला कलेक्टर नमित मेहता ने कहा कि उदयपुर न केवल एक प्रमुख पर्यटन शहर है, बल्कि राजस्थान के श्रेष्ठ शहरों में इसकी अलग पहचान है। यदि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें, तो स्वच्छता सर्वेक्षण में उदयपुर को देश में प्रथम स्थान दिलाया जा सकता है। अभियान के तहत शहर में स्वच्छता से जुड़ी कमियों की पहचान कर त्वरित सुधार किया जाएगा।
8 से 10 वार्डों का बनेगा एक समूह
अभियान के अंतर्गत शहर के 8 से 10 वार्डों को मिलाकर एक समूह बनाया जाएगा। नगर निगम, यूडीए, शिक्षा, परिवहन सहित अन्य विभागों के अधिकारी इन समूहों की निगरानी करेंगे। आमजन से प्राप्त फीडबैक के आधार पर सुधारात्मक कार्य किए जाएंगे।
अभियान के दौरान कचरा संग्रहण व्यवस्था, जनजागरूकता कार्यक्रम, वॉल पेंटिंग, थीम आधारित सायनेज बोर्ड, दीवारों का रंग-रोगन और बेहतर प्रकाश व्यवस्था पर विशेष फोकस रहेगा।
हर 15 दिन में होगी प्रगति की समीक्षा
कलेक्टर ने प्रमुख पर्यटन स्थलों और सार्वजनिक शौचालयों की नियमित सफाई को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। अभियान की प्रगति की समीक्षा हर 15 दिन में की जाएगी, ताकि कार्यों की गति और गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके।
नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना ने आमजन से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि जनभागीदारी के बिना स्वच्छता अभियान को सफल नहीं बनाया जा सकता। उन्होंने विश्वास जताया कि सामूहिक प्रयासों से उदयपुर देश के शीर्ष तीन स्वच्छ शहरों में शामिल हो सकता है।