ब्यावर में मनरेगा का नाम बदलने पर कांग्रेस में गुस्सा कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया व रैली निकाली
ब्यावर | केंद्र सरकार की ओर से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के नाम में परिवर्तन और नए नियमों को लागू करने के विरोध में सोमवार को जिला कांग्रेस कमेटी ब्यावर ने हुंकार भरी। जिला अध्यक्ष किशोर चौधरी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने केसरी नंदन गार्डन से कलेक्ट्रेट तक रैली निकाली और जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर केंद्र के फैसलों को जनविरोधी करार दिया।
सभा को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष किशोर चौधरी ने कहा कि योजना के नाम से महात्मा गांधी का नाम हटाना न केवल इसकी मूल भावना को कमजोर करना है, बल्कि राष्ट्रपिता की ऐतिहासिक विरासत का अपमान भी है। कार्यकर्ताओं ने कहा कि यह योजना ग्रामीण परिवारों की आजीविका का आधार है, लेकिन नए बदलावों से ग्रामीणों के हितों पर चोट की जा रही है।
कलेक्टर को दिए ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन का ध्यान समस्याओं की ओर खींचा। कांग्रेस का कहना था कि इससे योजना का मूल उद्देश्य और पहचान प्रभावित हो रही है। योजना में कार्य दिवस कम होने से श्रमिकों को पर्याप्त काम नहीं मिल पा रहा है। साथ ही डिजिटल और ऑनलाइन प्रक्रिया के कारण मजदूरों को समय पर पैसा भी नहीं मिल रहा। मजदूरों के जॉब कार्ड बनाने की प्रक्रिया कठिन होने से पात्र लोग इस योजना से वंचित हो रहे हैं और गांवों से पलायन बढ़ रहा है। इससे पूर्व कांग्रेस कार्यकर्ता केसरी नंदन गार्डन में एकत्रित हुए, जहां सरकार के खिलाफ जमकर भाजपा की नितियों का विरोध किया। सभा को पूर्व विधायक हगामी लाल मेवाडा, राकेश पारिक, पारस पंच, सलीम बाबू, सेवादल जिला अध्यक्ष विक्रम सोनी, सहित अन्यों ने संबोधित किया।
सभा के बाद जिला कलेक्टर तक रैली का आयोजन किया गया जिसमें जमकर नारेबाजी की गई। रैली बस स्टेंड होते हुए जिला कलेक्ट्रेट पहुंची। इस दौरान वरिष्ठ नेता दिनेश शर्मा, ब्लॉक अध्यक्ष अशोक रांका, प्रदेश सचिव सोहन मेवाड़ा, मनोज चौहान, राजेंद्र तुंगारिया, राजेश शर्मा, उर्मिला कवरियां, सलीम बाबू, महेन्द्र चौहान, हनुमान सांखला, इशिका जैन और चंद्रशेखर शर्मा, जयदीप सिंह रावत, सरदारा काठात, रामेश्वर मेवाडा, सहित कई पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।