निवर्तमान सरपंच (प्रशासक) संघ के प्रदेश अधिवेशन में जुटे प्रदेशभर के जनप्रतिनिधि
एक लाख युवाओं को मिली नौकरी, राजस्थान अब पेपर लीक मुक्त : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
जयपुर (प्रतीक पाराशर)। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि सरपंच गांवों की लोकतांत्रिक शक्ति के सशक्त प्रतीक हैं और ग्रामीण विकास की मूल धुरी के रूप में कार्य करते हैं। उनके समर्पण और प्रतिबद्धता से गांवों के प्रत्येक परिवार के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है। मुख्यमंत्री सोमवार को कृषि अनुसंधान संस्थान, दुर्गापुरा में आयोजित सरपंच संघ के निवर्तमान सरपंच (प्रशासक) प्रदेश अधिवेशन को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास के मूल मंत्र को धरातल पर उतारने में सरपंचों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। ग्रामीण परिवेश में शासन की योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने का कार्य सरपंचों के माध्यम से ही संभव हो पाता है।
उन्होंने बताया कि बीबीजी रामजी कानून के अंतर्गत रोजगार की गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन किया गया है। अब तक राज्य में एक लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नियुक्तियां दी जा चुकी हैं, जबकि 1 लाख 44 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया प्रगति पर है। इसके अतिरिक्त, एक लाख पदों की भर्ती परीक्षाओं का वार्षिक कैलेंडर भी जारी कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दो वर्षों में राज्य में एक भी पेपर लीक की घटना सामने नहीं आई है। राजस्थान अब पूरी तरह से पेपर लीक मुक्त राज्य बन चुका है, जिससे युवाओं में विश्वास का माहौल बना है।
पंचायती राज को सशक्त बनाने की दिशा में बड़े निर्णय
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा 8 नई जिला परिषदों, 94 नई पंचायत समितियों तथा 3,467 नई ग्राम पंचायतों का गठन किया गया है, जिससे प्रशासनिक विकेंद्रीकरण और ग्रामीण शासन को मजबूती मिली है।
कार्यक्रम में विधायक शत्रुघ्न गौतम एवं राजस्थान सरपंच संघ के प्रदेशाध्यक्ष बंशीधर गढ़वाल ने भी अधिवेशन को संबोधित किया। इस अवसर पर सरपंच संघ के कार्यकारी अध्यक्ष अर्जुन सिंह गौड़, प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश मीणा, प्रदेश समन्वयक कमल चौधरी, प्रदेश महामंत्री शक्ति सिंह रावत सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं प्रदेशभर से आए निवर्तमान सरपंच (प्रशासक) उपस्थित रहे।