अजमेर बजट 2026: 200 करोड़ से ड्रेनेज, 600 ट्यूबवेल और AI मॉनिटरिंग की घोषणा… सियासत भी तेज

अजमेर बजट 2026: 200 करोड़ से ड्रेनेज, 600 ट्यूबवेल और AI मॉनिटरिंग की घोषणा… सियासत भी तेज
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अजमेर/जयपुर। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पेश राज्य बजट में अजमेर को बुनियादी ढांचे, जल प्रबंधन और तकनीकी उन्नयन से जुड़ी कई घोषणाएं मिली हैं। शहर में जलभराव की समस्या से राहत दिलाने के लिए 200 करोड़ रुपये की लागत से ड्रेनेज कार्य किए जाएंगे। गर्मी में पेयजल संकट से निपटने के लिए 600 नए ट्यूबवेल लगाए जाएंगे, वहीं बिजली व्यवस्था की रियल टाइम निगरानी के लिए अजमेर डिस्कॉम सेंटर को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जोड़ा जाएगा।

सड़क और इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस

बजट में ब्यावर–बिजयनगर हाईवे के सुदृढ़ीकरण और स्पीड वॉयलेशन डिटेक्शन सिस्टम के लिए 210 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। अजमेर–पुष्कर बड़ी घाटा सड़क (12 करोड़), पुष्कर घाटी मार्ग चौड़ीकरण (12 करोड़), विजयनगर–केकड़ी सड़क (15 करोड़), पाटन–किशनगढ़ मार्ग (35 करोड़) और शेरगढ़–जीवनपुरा पुलिया (4.95 करोड़) सहित कई परियोजनाओं की घोषणा की गई है।

कायड़ और खातोली में 33 केवी जीएसएस, किशनगढ़ के हमीर सागर क्षेत्र में नालों के विकास के लिए 10 करोड़ रुपये, भिनाय में देवनारायण बालक आवासीय छात्रावास, जिला अस्पतालों में मेंटल हेल्थ सेंटर और अजमेर सहित शहरों में टेक्नो हब व स्टार्टअप लैब के लिए 30 करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया गया है।

अजमेर व ब्यावर सहित 16 शहरों में 32 करोड़ रुपये से मॉडल उद्यान ‘ऑक्सीजोन’ विकसित किए जाएंगे। पंजीयन सेवाओं को ऑनलाइन और सरल बनाने के लिए ई-रजिस्ट्रेशन प्रणाली लागू होगी।

सीएम बोले—“2047 का एक्शन प्लान”

बजट पेश होने के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रेस वार्ता में कहा, “यह बजट 2047 का एक्शन प्लान है। इसे हमने ‘सबका साथ, सबका विकास’ की प्रेरणा से तैयार किया है। संकल्प पत्र की 392 घोषणाओं में से 282 को दो साल में पूरा कर दिया गया है। पिछले बजट की 1441 घोषणाओं में से 86 प्रतिशत धरातल पर उतारी जा चुकी हैं।”

उन्होंने इसे विकास और सुशासन की दिशा में निर्णायक कदम बताया।

पायलट का हमला—“डबल इंजन का दोहरा कुठाराघात”

कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट ने बजट को “डबल इंजन की सरकार का दोहरा कुठाराघात” करार दिया। उन्होंने कहा, “पहले केंद्र के बजट में राजस्थान की अनदेखी हुई और अब राज्य बजट ने किसानों, युवाओं, महिलाओं और मध्यम वर्ग की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।”

पायलट ने शिक्षा क्षेत्र के प्रावधानों पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार ने स्कूलों की बदहाल स्थिति स्वीकार करने के बावजूद पर्याप्त बजट नहीं दिया। उन्होंने राजस्व घाटे और बढ़ते कर्ज का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि सरकार “शब्दों के मायाजाल” से अपनी नाकामियां छिपा रही है।

बेरोजगारी, किसानों की सब्सिडी, सामाजिक सुरक्षा पेंशन और औद्योगिक नीति को लेकर भी उन्होंने सरकार से जवाब मांगा।

“दिशाहीन बजट” — डॉ. राजकुमार जयपाल

अजमेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल ने बजट को “दिशाहीन और झूठ का पुलिंदा” बताया। उनका कहना था, “बड़ी घोषणाएं तो की गई हैं, लेकिन अजमेर के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास का कोई स्पष्ट रोडमैप नहीं है। पिछले बजट की घोषणाएं भी धरातल पर नजर नहीं आईं। जनता अब खोखली बातों से संतुष्ट नहीं होगी।”

पशुपालकों की अनदेखी का आरोप

अजमेर डेयरी अध्यक्ष रामचंद्र चौधरी ने बजट को पशुपालकों के लिए “दिशाहीन, दिग्भ्रमित और आंकड़ों का मायाजाल” बताया। उन्होंने कहा, “डेयरी क्षेत्र को झुनझुना पकड़ाया गया है, वास्तविक राहत नहीं दी गई।”

उनके अनुसार दुग्ध उत्पादक प्रोत्साहन राशि बढ़ाने, ठेका श्रमिकों को नियमित करने, बकाया राशि के भुगतान और बेसहारा पशुओं की समस्या के समाधान पर ठोस कदम नहीं उठाए गए। चौधरी ने कहा, “आंकड़ों की बाजीगरी से पेट नहीं भरता, जमीन पर निर्णय चाहिए।”

डॉ. रघु शर्मा भी बोले—“निराशाजनक बजट”

पूर्व चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने बजट को “दिशाहीन और निराशाजनक” बताते हुए कहा कि महिलाओं, युवाओं और किसानों के लिए कोई ठोस घोषणा नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व बजट घोषणाओं का क्रियान्वयन अधूरा है और अब सरकार 2047 की थीम के सहारे सवालों से बचना चाहती है।

admin - awaz rajasthan ki

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