किशनगढ़ की चरमराई चिकित्सा व्यवस्था का मुद्दा विधानसभा में उठा
किशनगढ़, 25 फरवरी। किशनगढ़ विधायक विकास चौधरी ने विधानसभा में नियम 295 के तहत ध्यान आकर्षण प्रस्ताव प्रस्तुत कर क्षेत्र की बिगड़ती चिकित्सा व्यवस्थाओं पर सरकार का ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने कहा कि हवाई, रेल और राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े होने तथा विश्व प्रसिद्ध मार्बल औद्योगिक क्षेत्र होने के बावजूद किशनगढ़ में स्वास्थ्य सेवाएं अपेक्षित स्तर पर उपलब्ध नहीं हैं।
दो वर्षों से बंद सोनोग्राफी सेवा
विधायक चौधरी ने सदन को अवगत कराया कि राजकीय यज्ञनारायण जिला अस्पताल में सोनोग्राफी मशीन उपलब्ध होने के बावजूद रेडियोग्राफर के अभाव में पिछले दो वर्षों से सोनोग्राफी सेवा बंद पड़ी है। इसके कारण आमजन को निजी संस्थानों में जांच करानी पड़ रही है, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं को 30 किलोमीटर दूर किशनगढ़ या केकड़ी जाना पड़ता है, जो गंभीर चिंता का विषय है।
हाईवे के निकट ट्रॉमा सेंटर की मांग
विधायक ने कहा कि शहर चारों ओर से नेशनल हाईवे से घिरा है और दुर्घटनाओं की आशंका अधिक रहती है। जिला अस्पताल शहर के मध्य स्थित होने से आपातकालीन स्थिति में मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। उन्होंने हाईवे के समीप 24 घंटे संचालित समर्पित ट्रॉमा सेंटर स्थापित करने की मांग रखी, जिसमें एक्स-रे सहित सभी आवश्यक आपात चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हों।
अरांई को उप जिला अस्पताल बनाने की मांग
विधायक चौधरी ने क्षेत्र की अरांई, बोराडा और हरमाड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने अरांई, जो क्षेत्र का प्रमुख उपखंड मुख्यालय है, के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को क्रमोन्नत कर उप जिला अस्पताल बनाने की मांग की। साथ ही सोनोग्राफी एवं डिलीवरी जैसी आवश्यक सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराने की आवश्यकता बताई।
विधायक ने कहा कि क्षेत्र की बढ़ती जनसंख्या और औद्योगिक गतिविधियों को देखते हुए स्वास्थ्य अवसंरचना का सुदृढ़ीकरण अत्यावश्यक है। उन्होंने सरकार से शीघ्र ठोस कार्रवाई कर आमजन को राहत प्रदान करने का आग्रह किया।