निकाय चुनाव में ओबीसी आरक्षण पर अटका मामला, यूडीएच मंत्री बोले—‘ट्रिपल टेस्ट’ सर्वे के बाद ही होगा फैसला

निकाय चुनाव में ओबीसी आरक्षण पर अटका मामला, यूडीएच मंत्री बोले—‘ट्रिपल टेस्ट’ सर्वे के बाद ही होगा फैसला
Spread the love

सीकर। राजस्थान में नगर निकाय चुनाव को लेकर ओबीसी आरक्षण का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा है कि ओबीसी आरक्षण को लागू करने से पहले सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार ‘ट्रिपल टेस्ट’ के तहत सर्वे और अधिकृत आंकड़े जरूरी हैं। जब तक राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग यह सर्वे पूरा कर सरकार को आंकड़े नहीं देता, तब तक निकाय चुनाव में ओबीसी आरक्षण लागू करना संभव नहीं होगा।

यूडीएच मंत्री गुरुवार (13 मार्च) को सीकर दौरे पर थे। इस दौरान उन्होंने जयपुर रोड स्थित अर्बन हाट बाजार में आयोजित शेखावाटी पंच गौरव उद्योग और राजसखी मेले का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में पूर्व सांसद सुमेधानंद सरस्वती, एटीएम रतन कुमार स्वामी, जिला उद्योग केंद्र की महाप्रबंधक विकास सिहाग सहित कई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का दिया उदाहरण

मंत्री खर्रा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 2022 और 2023 में मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र से जुड़े मामलों में स्पष्ट किया था कि ओबीसी आरक्षण लागू करने से पहले ‘ट्रिपल टेस्ट’ की प्रक्रिया पूरी करना आवश्यक है। इसके तहत राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग को सर्वे कर अधिकृत आंकड़े सरकार को देने होते हैं।

उन्होंने बताया कि राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने पहले मार्च तक आंकड़े देने की बात कही थी, लेकिन जिलों से प्राप्त आंकड़ों में कई कमियां सामने आई हैं। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप नए सिरे से सर्वे और अध्ययन किया जाएगा, जिसके बाद ही अंतिम रिपोर्ट सरकार को सौंपी जाएगी।

पुनर्गठन का काम पूरा

मंत्री खर्रा ने कहा कि राज्य सरकार ने अपने स्तर पर नगर निकायों के पुनर्गठन और परिसीमन का कार्य पूरा कर लिया है। नगर निकाय से जुड़े बाकी प्रशासनिक कार्य भी सितंबर तक पूरे कर लिए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की ओर से चुनाव कराने में कोई बाधा नहीं है।

हाईकोर्ट के फैसले का भी किया जिक्र

मंत्री ने बताया कि राजस्थान हाईकोर्ट ने 6 मार्च को राजस्थान नगरपालिका अधिनियम की धारा 10 को मान्यता देते हुए कहा है कि राज्य सरकार को नगर निकायों का परिसीमन और वार्डों का पुनर्गठन करने का अधिकार है।

उन्होंने कहा कि अब आगे की प्रक्रिया राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग और राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग के स्तर पर पूरी की जानी है। आयोग द्वारा ‘ट्रिपल टेस्ट’ सर्वे के बाद ही ओबीसी आरक्षण को लेकर अंतिम निर्णय लिया जा सकेगा।

admin - awaz rajasthan ki

Related articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *