अजमेर में मंत्रालयिक कर्मचारियों का ऐलान: ग्रामीण सेवा शिविरों का बहिष्कार, मांगें नहीं मानीं तो 7 जुलाई को जल समाधि
अजमेर में मंत्रालयिक कर्मचारियों का ऐलान: ग्रामीण सेवा शिविरों का बहिष्कार, मांगें नहीं मानीं तो 7 जुलाई को जल समाधि
अजमेर। पंचायती राज संस्थाओं में कार्यरत मंत्रालयिक कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है। आज जिला परिषद अजमेर में कर्मचारियों ने एसीईओ शिवदान सिंह को ज्ञापन सौंपकर जिले में चल रहे ग्रामीण सेवा शिविरों के पूर्ण बहिष्कार की चेतावनी दी।
जिला अध्यक्ष दिनेश कुमावत के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में बताया गया कि 16 जून को ज्ञापन सौंपने के बाद से कर्मचारी आधे दिन का कार्य बहिष्कार कर रहे हैं। लेकिन मांगों पर अब तक सकारात्मक पहल न होने से नाराज कर्मचारियों ने ग्रामीण सेवा शिविरों का बहिष्कार शुरू करने का निर्णय लिया है।
कुमावत ने कहा कि प्रदेशस्तरीय आव्हान पर अजमेर जिले के सभी पंचायती राज संस्थाओं के मंत्रालयिक कर्मचारी एकजुट हैं। अगर सरकार ने कर्मियों की मांगों पर तुरंत विचार नहीं किया तो आंदोलन और उग्र होगा।
आगे की रणनीति तय:
- 6 जुलाई: मुख्यमंत्री निवास का घेराव
- 7 जुलाई: जयपुर के आमेर जलमहल में जल समाधि कार्यक्रम
आज ज्ञापन के दौरान जिला अध्यक्ष दिनेश कुमावत, दीपक कादिया, तरूण जैन, मनोज लेख्यानी, कैलाश मालाकार, दिनेश पाठक, नन्दकिशोर, पवन छीपा, लक्ष्मीकांत जोशी, सत्यनारायण शर्मा, डालचन्द जाटोलिया, चन्द्रमोहन शर्मा, रवि शर्मा, प्रशांत पारचा, आलोक जोरवाल, विकाश, विशाल, शुभम, अंकित, पंकज लूनीवाल, चंचल अरोड़ा, गीता कुमारी, गायत्री शर्मा, सीमालता, दीपाली, अर्पिता, संतोष कंवर, मीनू एवं समस्त मंत्रालियक कर्मचारी, जिला परिषद अजमेर