ग्रामीण रोजगार को मिलेगा नया संबल: काम में देरी पर बेरोजगारी भत्ता, भुगतान में विलंब पर मिलेगा मुआवजा
जयपुर। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। ग्रामीण विकास विभाग द्वारा जारी ‘विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ की अधिसूचना के अनुसार अब रोजगार उपलब्ध कराने में देरी होने पर पात्र श्रमिकों को बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा, जबकि मजदूरी भुगतान में विलंब होने पर मुआवजे का प्रावधान भी किया गया है।
ग्रामीण विकास विभाग के सचिव कृष्ण कुणाल द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार यह योजना अधिसूचित ग्रामीण क्षेत्रों में 1 जुलाई से पूर्ण रूप से लागू होगी। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और निगरानी के लिए विशेष परिषद का गठन भी किया गया है, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।
विशेष वर्गों को मिलेगा रंगीन जॉब कार्ड
योजना के तहत महिला मुखिया वाले परिवारों, दिव्यांगजनों, 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों, एकल महिलाओं, ट्रांसजेंडर व्यक्तियों तथा विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTG) के लिए अलग रंग के विशेष ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी किए जाएंगे।
इन वर्गों के श्रमिकों के लिए कार्य मूल्यांकन की दरें भी उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप निर्धारित की जाएंगी, जिससे उन्हें रोजगार प्राप्त करने में सुविधा मिल सके।
बच्चों की देखभाल के लिए भी विशेष व्यवस्था
कार्यस्थलों पर यदि पांच या उससे अधिक बच्चे मौजूद होते हैं तो उनकी देखभाल के लिए एक महिला श्रमिक की नियुक्ति की जाएगी। इस महिला श्रमिक को बच्चों की देखभाल का दायित्व निभाने के बावजूद पूर्ण मजदूरी प्रदान की जाएगी।
सरकार का मानना है कि इन प्रावधानों से ग्रामीण श्रमिकों, महिलाओं और कमजोर वर्गों को आर्थिक सुरक्षा मिलने के साथ-साथ रोजगार गारंटी व्यवस्था अधिक प्रभावी और समावेशी बनेगी।