शाहपुरा में गोली कांड से सनसनी

देरी से पहुंचे डाक्टर को लताड़ लगाते पुलिस अधिकारी फोटो

पार्टी के दौरान फायरिंग, दो युवक घायल।
अस्पताल में डॉक्टरों की लेट-लतीफी पर भारी हंगामा।
शाहपुरा 28 जून 2026।
शाहपुरा क्षेत्र के उम्मेद सागर बांध स्थित डाकबंगले में रविवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब दोस्तों की पार्टी के दौरान आपसी कहासुनी में एक युवक ने बंदूक से फायरिंग कर दिया। इस गोलीकांड में दो युवक घायल हो गए, जिनमें से एक की हालत गंभीर होने पर उसे भीलवाड़ा रेफर किया गया है। वहीं, घटना के बाद अस्पताल पहुंचे परिजनों ने ड्यूटी डॉक्टर के देरी से आने पर जमकर हंगामा किया।
आपसी विवाद में चली गोली:- मिली जानकारी के अनुसार, दोपहर करीब 1:00 बजे उम्मेद सागर बांध के डाकबंगले में कुछ युवक पार्टी कर रहे थे। घायल किशन गुर्जर द्वारा पुलिस को दी गई रिपोर्ट के मुताबिक, पार्टी में सेवानी निवासी विनोद नायक, शाहपुरा निवासी सूरज हरिजन, महेंद्र कहार और तीन अन्य दोस्त मौजूद थे।
पार्टी के दौरान विनोद नायक और महेंद्र कहार के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। विवाद इतना बढ़ा कि आवेश में आकर विनोद नायक ने अपनी बंदूक निकाली और महेंद्र पर फायर झोंक दिया।
सूझबूझ से टली कई जानें: चश्मदीदों के अनुसार, आरोपी युवक पहली फायरिंग के बाद और भी बंदूक को लोड की और गोलियां चलाने की फिराक में था, लेकिन वहां मौजूद लोगों ने तत्परता दिखाते हुए उससे बंदूक छीन ली। अगर बंदूक नहीं छीनी जाती, तो वहां मौजूद अन्य लोगों की जान भी जा सकती थी।
इस घटना में महेंद्र कहार (पुत्र महावीर कहार, निवासी वार्ड नं. 8, गाडरी खेड़ा) के पैर में 3 गोलियां(छर्रे)लगने से गंभीर रूप से घायल। प्राथमिक उपचार और मरहम-पट्टी के बाद गंभीर हालत में भीलवाड़ा रेफर किया गया।
किशन गुर्जर (निवासी गाडरी खेड़ा): गोली हाथ को छूती हुई निकल गई। अस्पताल में प्राथमिक किया गया जो खतरे से बाहर।
डॉक्टर की लेट-लतीफी पर फूटा परिजनों का गुस्सा, पुलिस ने लगाई लताड़:- घायलों को जब अस्पताल लाया गया, तो वहां उपस्थित नर्सिंग स्टाफ ने प्राथमिक उपचार तो शुरू कर दिया, लेकिन आपातकालीन ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. सज्जन सिंह मीणा घर पर आराम कर रहे थे। घायलों को अस्पताल लाने के आधे घंटे बाद तक अस्पताल नहीं पहुंचे।
परिजनों का हंगामा:- गंभीर रूप से घायल युवक को तड़पता देख परिजनों के सब्र का बांध टूट गया। उन्होंने अस्पताल में जमकर हंगामा किया और डॉक्टर के साथ गाली-गलौज भी की। परिजनों का आरोप था कि डॉक्टर की घोर लापरवाही के कारण घायल दर्द से तड़पता रहा।
पुलिस की फटकार:- मौके पर पहुंचे एक पुलिस अधिकारी ने भी संवेदनशीलता को देखते हुए देरी से आए चिकित्सक को कड़ी लताड़ लगाई।
शहरवासियों में आक्रोश:- स्थानीय लोगों का आरोप है कि आपातकालीन सेवा के दौरान डॉक्टर अस्पताल में न रहकर अपने घरों पर आराम करते हैं और कॉल करने पर देरी से पहुंचते हैं। पूर्व में भी कई मरीज डॉक्टरों की इस लेट-लतीफी के कारण अपनी जान गंवा चुके हैं।
आरोपियों को गिरफ्तारी करने व चिकित्सक को हटाने की मांग:-
घटना के बाद कहार समाज के लोग बड़ी संख्या में थाने पहुंचे। समाज के प्रतिनिधियों ने पुलिस से मांग की है कि मुख्य आरोपी विनोद नायक और उसके साथियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए। ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले चिकित्सक डॉ. सज्जन सिंह मीणा के खिलाफ ठोस कानूनी कार्रवाई की जाए और उन्हें तुरंत चिकित्सालय से हटाया जाए। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है।