ग्राम सेवा सहकारी समिति लिमिटेड आमली एवं पिपलाज गोरधा कुशायता डीएपी खाद की किल्लत से किसान परेशान, समितियों के चक्कर लगाने को मजबूर
ग्राम सेवा सहकारी समिति लिमिटेड आमली एवं पिपलाज गोरधा कुशायता डीएपी खाद की किल्लत से किसान परेशान, समितियों के चक्कर लगाने को मजबूर
हंसराज खारोल, कुशायता (पत्रकार)
कुशायता। खरीफ फसलों की बुवाई के बीच क्षेत्र की ग्राम सेवा सहकारी समितियों में डीएपी (डाई अमोनियम फॉस्फेट) खाद की भारी कमी से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्राम सेवा सहकारी समिति गोरधा, पिपलाज, कुशायता एवं आमली में डीएपी खाद उपलब्ध नहीं होने से किसान बार-बार समितियों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
क्षेत्र में अच्छी बारिश के बाद किसानों ने खेतों की जुताई एवं खरीफ फसलों की बुवाई शुरू कर दी है। बुवाई के दौरान डीएपी खाद की आवश्यकता सबसे अधिक होती है, लेकिन समय पर खाद उपलब्ध नहीं होने से कृषि कार्य प्रभावित हो रहे हैं। किसानों का कहना है कि खाद नहीं मिलने से उन्हें आर्थिक नुकसान की आशंका सताने लगी है।
क्षेत्र के किसान गंगाराम मीणा, भवानीराम मीणा, गोपाललाल मीणा, हेमराज दरोगा, रामेश्वर दरोगा, ओमप्रकाश मीणा, रवी वैष्णव, रमेश सेन, रणजीत कुमावत, देवकिशन गुर्जर, मानसिंह मीणा, मेवालाल मीणा, मुलचंद बलाई, महावीर मीणा, भोलू मीणा एवं शिवराज मीणा सहित अनेक किसानों ने बताया कि बुवाई के इस महत्वपूर्ण समय में डीएपी खाद उपलब्ध नहीं होने से खेती का कार्य प्रभावित हो रहा है। किसान खाद लेने के लिए समितियों पर पहुंच रहे हैं, लेकिन स्टॉक समाप्त होने के कारण उन्हें निराश होकर लौटना पड़ रहा है।
बिसुदनी बांध की बाई नहर के अध्यक्ष गोपाल बलाई तथा दाई नहर के अध्यक्ष लक्ष्मण मीणा ने बताया कि क्षेत्र में डीएपी खाद की मांग लगातार बढ़ रही है, लेकिन पर्याप्त आपूर्ति नहीं होने से किसानों में चिंता का माहौल बना हुआ है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल अतिरिक्त डीएपी खाद उपलब्ध कराने की मांग की है।
ग्राम सेवा सहकारी समितियों के व्यवस्थापकों ने बताया कि डीएपी खाद की मांग संबंधित विभाग को भेज दी गई है। नई खेप प्राप्त होते ही किसानों को नियमानुसार खाद का वितरण शुरू कर दिया जाएगा।
इनका कहना है—
“गोरधा ग्राम सेवा सहकारी समिति पर डीएपी खाद नहीं मिलने से किसानों को दर-दर की ठोकरें खाने पर मजबूर होना पड़ रहा है।”
— गंगाराम मीणा, किसान, गोरधा
“ग्राम सेवा सहकारी समिति गोरधा में डीएपी खाद का स्टॉक समाप्त हो चुका है। नई खेप के लिए मांग भेज दी गई है। खाद उपलब्ध होते ही वितरण शुरू कर दिया जाएगा।”
— विष्णु कुमार खाती, सहायक व्यवस्थापक, ग्राम सेवा सहकारी समिति गोरधा