राजस्थान कांग्रेस में बड़े संगठनात्मक बदलाव की तैयारी, 50 से अधिक पदाधिकारियों की हो सकती है छुट्टी
जयपुर। राजस्थान में आगामी निकाय और पंचायत चुनावों से पहले कांग्रेस संगठन में बड़े बदलाव की तैयारी तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार, पार्टी आलाकमान ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष Govind Singh Dotasra को संगठन को अधिक सक्रिय और चुनावी दृष्टि से प्रभावी बनाने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत लंबे समय से निष्क्रिय माने जा रहे 50 से अधिक पदाधिकारियों को प्रदेश संगठन से हटाकर नई कार्यकारिणी का गठन किया जा सकता है।
हाल ही में New Delhi दौरे के दौरान प्रदेश नेतृत्व और पार्टी के शीर्ष नेताओं के बीच संगठनात्मक बदलाव को लेकर चर्चा हुई। बताया जा रहा है कि कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge तथा संगठन महासचिव K. C. Venugopal ने प्रदेश नेतृत्व को स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों से पहले संगठन को पूरी तरह सक्रिय करने का संकेत दिया है।
नई कार्यकारिणी में बड़े फेरबदल के संकेत
सूत्रों के अनुसार प्रदेश कांग्रेस की नई टीम के गठन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। संगठन में ऐसे पदाधिकारियों की सूची तैयार की गई है जो लंबे समय से पार्टी की गतिविधियों में सक्रिय नहीं रहे हैं। जानकारी के अनुसार, करीब 42 प्रदेश सचिव, 14 महासचिव और 4 उपाध्यक्षों सहित कुल 50 से अधिक पदाधिकारियों में बदलाव किया जा सकता है। हालांकि, पार्टी की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक सूची जारी नहीं की गई है।
‘एक व्यक्ति-एक पद’ सिद्धांत पर रहेगा जोर
प्रदेश कांग्रेस संगठन में ‘एक व्यक्ति-एक पद’ के सिद्धांत को भी प्रभावी ढंग से लागू किए जाने की तैयारी है। सूत्रों के मुताबिक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के 11 सदस्य पहले ही जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। ऐसे नेताओं को दोहरी जिम्मेदारी से मुक्त कर संगठन में नए चेहरों को अवसर दिए जाने की संभावना जताई जा रही है।
निकाय और पंचायत चुनावों पर फोकस
राजस्थान में आगामी समय में 309 शहरी निकायों तथा लगभग 11,300 ग्राम पंचायतों के चुनाव प्रस्तावित हैं। इन्हें देखते हुए कांग्रेस संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है। पार्टी का मानना है कि सक्रिय, जवाबदेह और चुनावी दृष्टि से सक्षम संगठन ही बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित कर सकता है।
आधिकारिक घोषणा का इंतजार
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि नई कार्यकारिणी की घोषणा जल्द होती है तो यह कांग्रेस की चुनावी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा साबित हो सकती है। फिलहाल संगठनात्मक बदलाव को लेकर चर्चाएं तेज हैं, लेकिन अंतिम निर्णय और नई टीम की घोषणा पार्टी नेतृत्व द्वारा आधिकारिक रूप से किए जाने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।