केंद्र ने नई ग्रामीण रोजगार योजना VB-G-RAM-G के लिए राज्यों को जारी किए ₹25,863 करोड़
नई दिल्ली-प्रतीक पाराशर। केंद्र सरकार ने नई ग्रामीण रोजगार योजना ‘विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ (VB-G-RAM-G) के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्यों को पहली किस्त के रूप में ₹25,863 करोड़ जारी कर दिए हैं। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने रविवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि 1 जुलाई 2026 से VB-G-RAM-G ने Mahatma Gandhi National Rural Employment Guarantee Act (MGNREGA) का स्थान ले लिया है और देशभर में इसका क्रियान्वयन बिना किसी तकनीकी या संचालन संबंधी बाधा के सफलतापूर्वक शुरू हो गया है।
केंद्रीय मंत्री ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के ग्रामीण विकास मंत्रियों के साथ आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि सरकार का संकल्प था कि 1 जुलाई से नई योजना पूरे देश में निर्बाध रूप से लागू की जाए, जिसे सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है।
उन्होंने कहा कि जहां मनरेगा को पूरे देश में लागू होने में लगभग तीन वर्ष लगे थे, वहीं VB-G-RAM-G को एक ही दिन में राष्ट्रीय स्तर पर लागू कर दिया गया। योजना के पहले सप्ताह में ही बड़ी संख्या में ग्राम पंचायतों में कार्य प्रारंभ हो चुके हैं, जिससे लाखों ग्रामीण श्रमिकों को रोजगार मिलने लगा है।
मंत्री ने Andhra Pradesh, Kerala और Rajasthan की सराहना करते हुए कहा कि इन राज्यों ने योजना के पहले ही दिन बड़ी संख्या में रोजगार उपलब्ध कराए। वहीं Odisha, West Bengal और Jharkhand से शेष ग्राम पंचायतों में योजना को शीघ्र लागू करने तथा आवश्यक प्रशासनिक एवं बजटीय औपचारिकताएं पूरी करने का आग्रह किया गया। जिन राज्यों में Reserve Bank of India> से संबंधित खाते अथवा अन्य प्रक्रियात्मक कार्य लंबित हैं, उन्हें भी समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए गए।
नई योजना के तहत ग्रामीण श्रमिकों के लिए मजदूरी दरों में औसतन 10 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। अब किसी भी राज्य में अधिसूचित दैनिक मजदूरी ₹300 से कम नहीं होगी। राष्ट्रीय औसत मजदूरी ₹298.80 से बढ़कर ₹327.40 प्रतिदिन हो गई है, यानी औसतन ₹28.60 प्रतिदिन की बढ़ोतरी हुई है।
इसके साथ ही प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार के लिए रोजगार की वैधानिक गारंटी 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राज्यों को जारी की गई ₹25,863 करोड़ की पहली किस्त का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि श्रमिकों को निर्धारित 15 दिनों के भीतर समय पर मजदूरी का भुगतान किया जा सके। उन्होंने राज्यों से अपने हिस्से का अंशदान भी समय पर जारी करने का आग्रह किया ताकि भुगतान में किसी प्रकार की देरी न हो।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ग्राम सभाएं और ग्राम पंचायतें स्थानीय विकास आवश्यकताओं के आधार पर कार्यों का चयन करें, जिससे सहभागी योजना निर्माण और समावेशी ग्रामीण विकास को बढ़ावा मिल सके। योजना के प्रभावी संचालन के लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय ने संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारियों के नेतृत्व में क्षेत्रीय अधिकारियों की तैनाती भी की है, जो राज्यों के साथ समन्वय स्थापित कर क्रियान्वयन के दौरान आने वाली समस्याओं का समाधान करेंगे।