राजस्थान में लोकतंत्र का सबसे बड़ा महापर्व: पहली बार एक साथ होंगे निकाय और पंचायत चुनाव

राजस्थान में लोकतंत्र का सबसे बड़ा महापर्व: पहली बार एक साथ होंगे निकाय और पंचायत चुनाव
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जयपुर। राजस्थान के लोकतांत्रिक इतिहास में पहली बार ऐसा होने जा रहा है, जब प्रदेशभर में नगरीय निकाय और पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव एक ही क्रम में छह चरणों में सम्पन्न कराए जाएंगे। यह चुनाव ‘वन स्टेट, वन इलेक्शन’ की अवधारणा के अनुरूप होंगे। हालांकि, इन चुनावों का रास्ता राजस्थान हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद साफ हुआ है।
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार चुनाव प्रक्रिया को 90 दिनों के भीतर पूरा करने की तैयारी है। पहले दो चरणों में नगरीय निकायों के चुनाव होंगे, जबकि इसके बाद चार चरणों में पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव कराए जाएंगे।
नगरीय निकाय चुनाव में प्रदेश की 309 नगर निकायों के 10,245 वार्डों के लिए मतदान होगा। इसके लिए 16,482 मतदान केंद्र बनाए जाएंगे, जहां 1 करोड़ 43 लाख 75 हजार 806 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। प्रत्येक चरण के संचालन के लिए लगभग 60 हजार कार्मिक और 50 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी।
वहीं, पंचायतीराज चुनाव चार चरणों में आयोजित होंगे। इसमें 14,403 ग्राम पंचायतों, 457 पंचायत समितियों और 41 जिला परिषदों के लिए मतदान कराया जाएगा। चुनाव के लिए 45,316 मतदान केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जहां 4 करोड़ 2 लाख से अधिक मतदाता मतदान करेंगे। प्रत्येक चरण में लगभग 80 हजार कार्मिक और 70 हजार पुलिसकर्मियों की आवश्यकता होगी।
पंचायतीराज चुनाव में मतदाता वार्ड पंच, सरपंच, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य के लिए सीधे मतदान करेंगे। इसके बाद प्रधान, उपप्रधान, प्रमुख और उपप्रमुख का चुनाव अप्रत्यक्ष रूप से होगा। इसी प्रकार नगरीय निकायों में पार्षदों का चुनाव प्रत्यक्ष तथा अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष का चुनाव अप्रत्यक्ष रूप से संपन्न कराया जाएगा।
राज्य निर्वाचन आयोग का मानना है कि यह चुनावी प्रक्रिया लोकसभा और विधानसभा चुनावों की तुलना में कहीं अधिक व्यापक और जटिल होगी। लाखों कर्मचारियों, हजारों मतदान केंद्रों और करोड़ों मतदाताओं की भागीदारी के साथ यह चुनाव प्रदेश के लोकतांत्रिक इतिहास का सबसे बड़ा स्थानीय चुनाव अभियान साबित होगा।
राजस्थान में पहली बार एक साथ होने जा रहे निकाय और पंचायत चुनाव न केवल प्रशासनिक दृष्टि से चुनौतीपूर्ण होंगे, बल्कि स्थानीय स्वशासन को नई दिशा देने वाले एक ऐतिहासिक लोकतांत्रिक महापर्व के रूप में भी याद किए जाएंगे।

admin - awaz rajasthan ki

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