बाढ़, जलभराव और अतिवृष्टि से निपटने के लिए जिला परिषद के सख्त निर्देश, संवेदनशील क्षेत्रों की होगी विशेष निगरानी
मानसून को लेकर पंचायतें अलर्ट मोड पर, हर ग्राम पंचायत बनाएगी कंटीजेंसी प्लान
बाढ़, जलभराव और अतिवृष्टि से निपटने के लिए जिला परिषद के सख्त निर्देश, संवेदनशील क्षेत्रों की होगी विशेष निगरानी
अजमेर। मानसून के दौरान संभावित अतिवृष्टि, बाढ़ और जलभराव की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए जिला परिषद अजमेर के सीईओ राम प्रकाश
ने जिला परिषद की
पंचायत समितियों और ग्राम पंचायतों को अलर्ट रहने के निर्देश दिये है । पंचायतीराज विभाग के निर्देशों के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत को अपने क्षेत्र की परिस्थितियों के अनुसार कंटीजेंसी प्लान तैयार करना होगा, ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित किए जा सकें।
जिला परिषद सीईओ राम प्रकाश के द्वारा जारी निर्देशो के अनुसार सभी पंचायतों को 11 सूत्रीय कार्ययोजना पर तत्काल अमल करने के आदेश दिये है । इसके तहत पंचायतों को अपने-अपने क्षेत्रों में बाढ़ संभावित और संवेदनशील स्थानों की पहचान कर विस्तृत कार्ययोजना तैयार करनी होगी। साथ ही सभी पंचायतों को किए गए कार्यों की अनुपालन रिपोर्ट एवं फोटो जिला परिषद को भेजनी होगी।
निर्देशों के अनुसार जलभराव वाले क्षेत्रों में चेतावनी बोर्ड, रिफ्लेक्टिव संकेतक और बैरिकेडिंग लगाई जाएगी। गहरे जलाशयों एवं जोखिम वाले स्थानों पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए जाएंगे। यहां रस्सियां, लाइफ जैकेट, प्राथमिक उपचार किट जैसी बचाव सामग्री उपलब्ध रखी जाएगी तथा प्रशिक्षित गोताखोरों की सूची भी अपडेट की जाएगी।
पंचायत स्तर पर हेल्पलाइन अथवा संपर्क अधिकारी नियुक्त कर निगरानी व्यवस्था मजबूत की जाएगी। वहीं स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और ग्राम सभाओं के माध्यम से लोगों को बारिश के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के प्रति जागरूक किया जाएगा।
इसके अलावा नालों, जल निकासी मार्गों, पुल-पुलियों और ड्रेनेज सिस्टम की सफाई कर अवरोध हटाने, पंचायत राज विभाग के भवनों, सड़कों और पुल-पुलियों का निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
आपदा की स्थिति में राहत कार्यों को तेज गति से संचालित करने के लिए पंचायत भवन, राजीव गांधी सेवा केंद्र एवं सामुदायिक भवनों को राहत शिविर के रूप में तैयार रखने को कहा गया है। इन शिविरों में पेयजल, स्वच्छता, बिजली और चिकित्सा जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला परिषद ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की आपदा, जनहानि या संपत्ति के नुकसान की सूचना तत्काल जिला प्रशासन को भेजी जाए, ताकि राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की देरी न हो। विभाग ने सभी पंचायतों से निर्देशों की समयबद्ध पालना सुनिश्चित करने के साथ नियमित अनुपालन रिपोर्ट भेजने को कहा है।