आनासागर झील के संरक्षण पर कांग्रेस की राजनीति दुर्भाग्यपूर्ण,डॉअरविंद शर्मा

आनासागर झील के संरक्षण पर कांग्रेस की राजनीति दुर्भाग्यपूर्ण,डॉअरविंद शर्मा
Spread the love

आनासागर झील के संरक्षण पर कांग्रेस की राजनीति दुर्भाग्यपूर्ण

अजमेर। आनासागर झील हम सभी अजमेरवासियों की आस्था, गौरव और ऐतिहासिक विरासत का प्रतीक है। इसका संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। किंतु यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस इसे भी राजनीती की भेंट चढ़ा रही है। अब तक आनासागर पर एक शब्द भी नहीं बोलने वाली कांग्रेस क़ो निकाय चुनाव निकट आते ही अचानक आनासागर झील की चिंता सताने लगी है।

स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात लंबे समय तक राजस्थान में कांग्रेस की सरकारें रहीं तथा अजमेर का प्रतिनिधित्व भी लंबे समय तक कांग्रेस के जनप्रतिनिधियों ने किया। ऐसे में यह स्वाभाविक प्रश्न है कि उस लंबे कार्यकाल में आनासागर झील में गिरने वाले गंदे नालों को रोकने तथा झील के स्थायी संरक्षण के लिए ठोस और प्रभावी कदम क्यों नहीं उठाए गए?

माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने अजमेर को स्मार्ट सिटी परियोजना की सौगात दी। वर्ष 2018 से 2023 के दौरान, जब राजस्थान में कांग्रेस की सरकार थी, स्मार्ट सिटी के अधिकांश कार्य इसी अवधि में प्रारंभ हुए। उपलब्ध परियोजना अभिलेखों के अनुसार, मूल डीपीआर में आनासागर झील के ओवरफ्लो की स्थिति में जल निकासी हेतु लगभग 250 करोड़ रुपये की लागत से आनासागर एस्केप चैनल का प्रावधान किया गया था।

उस समय स्मार्ट सिटी कंपनी लिमिटेड के निदेशक मंडल में वर्तमान कांग्रेस जिलाध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल तथा पूर्व विधायक डॉ. गोपाल बाहेती भी शामिल थे। यदि उस समय एस्केप चैनल का निर्माण किया जाता, तो आज अजमेर उत्तर एवं दक्षिण की निचली बस्तियों में जलभराव की समस्या काफी हद तक कम हो सकती थी। किंतु 13वीं बोर्ड बैठक में इस प्रस्ताव में परिवर्तन कर राशि अन्य कार्यों पर व्यय की गई। इस निर्णय पर कांग्रेस के तत्कालीन प्रतिनिधियों की भूमिका पर प्रश्न उठना स्वाभाविक है।

इसी अवधि में आनासागर झील के किनारे निर्मित पाथवे को लेकर भी अनेक तकनीकी प्रश्न उठे। निर्माण कार्य के दौरान बनाई गई अस्थायी मिट्टी को निविदा की शर्तों के अनुसार हटाया जाना था, किंतु ऐसा नहीं होने से झील की जलधारण क्षमता प्रभावित होने की बात सामने आई। उस समय भी संबंधित कांग्रेस प्रतिनिधियों द्वारा कोई प्रभावी हस्तक्षेप दिखाई नहीं दिया।

वर्ष 2023 में भाजपा सरकार बनने के बाद विधानसभा अध्यक्ष माननीय श्री वासुदेव देवनानी जी के प्रयासों से आनासागर झील की क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से डी-सिल्टिंग कार्य के लिए राज्य सरकार से महत्वपूर्ण राशि स्वीकृत कराई गई।इस कार्य से झील की जल भराव क्षमता बढ़ती और मछलियों का जीवन भी निश्चित रूप से बचता परन्तु इस नेक कार्य में भी कांग्रेस द्वारा राजनीती करते हुए न्यायालय में वाद दायर कर दिया जिससे ये नेक कार्य प्रभावित हुआ। गौरतलब है कि देवनानी जी ने मुख्य सड़को और कॉलोनीयों में पानी भराव की समस्या से निजात दिलवाने और मछलियों का जीवन सुरक्षित रहे इस सोच के साथ ही एक बड़ी राशि डिसीलटिंग के लिए पारित करवाई थी। इस नेक काम में व्यवधान डालने से ही कांग्रेस की आनासागर के प्रति संवेदना प्रदर्शित होती है।

आनासागर झील का संरक्षण राजनीति का नहीं, बल्कि जनहित और पर्यावरण संरक्षण का विषय है। भाजपा संगठन पिछले तीन वर्षों से “वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान” एवं “जल संरक्षण जन सहभागिता अभियान” के माध्यम से जनसहभागिता के साथ जल स्रोतों के संरक्षण, स्वच्छता एवं श्रमदान के कार्य निरंतर करता आ रहा है। यह हमारी कार्यसंस्कृति “सेवा ही संगठन” की भावना का प्रमाण है।

यदि कांग्रेस वास्तव में आनासागर झील के संरक्षण को लेकर गंभीर है, तो उसे यह स्पष्ट करना चाहिए कि पिछले दस वर्षों में उसने झील की स्वच्छता, जल संरक्षण अथवा पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण के लिए कौन-कौन से ठोस अभियान संचालित किए।

कांग्रेस द्वारा प्रस्तावित अजमेर बंद जनहित के बजाय राजनीतिक कदम के रूप में ज्यादा दिखाई दिया। इससे शहर के व्यापारी, मजदूर और आम नागरिक अनावश्यक रूप से परेशान हुए, अजमेर की जागरूक जनता विकास, जनहित और सकारात्मक राजनीति के पक्ष में है आने वाले समय में वह ऐसे प्रत्येक प्रयास का लोकतांत्रिक तरीके से उचित मूल्यांकन करेगी।

डॉअरविंद शर्मा
प्रदेश प्रवक्ता भारतीय जानता पार्टी राजस्थान

admin - awaz rajasthan ki

Related articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *