अजमेर डिप्टी मेयर चुनाव: कांग्रेस से नौरत गुर्जर, भाजपा से हेमंत सांखला आमने-सामने
अजमेर। अजमेर नगर निगम में डिप्टी मेयर पद के लिए मंगलवार को चुनाव प्रक्रिया हो रही है। कांग्रेस ने पार्षद नौरत गुर्जर को अपना प्रत्याशी बनाया है, जबकि भारतीय जनता पार्टी ने वार्ड 46 से पार्षद हेमंत सांखला को प्रत्याशी घोषित किया है। दोनों प्रत्याशियों ने डिप्टी मेयर पद के लिए नामांकन दाखिल कर दिया है।
महापौर चुनाव के बाद अब सबकी नजर डिप्टी मेयर चुनाव पर है। अजमेर नगर निगम के 80 वार्डों में कांग्रेस के 37, भाजपा के 32 और 11 निर्दलीय पार्षद हैं। ऐसे में निर्दलीय पार्षदों की भूमिका चुनावी गणित में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
नामांकन के बाद मतदान की प्रक्रिया
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मंगलवार को सुबह नामांकन प्रक्रिया शुरू हुई। सुबह 11 बजे तक नामांकन, 11:30 बजे नामांकन पत्रों की संवीक्षा और दोपहर 2 बजे तक नाम वापसी का समय निर्धारित है। आवश्यकता पड़ने पर दोपहर 2:30 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान कराया जाएगा। मतदान समाप्त होने के बाद मतगणना कर परिणाम घोषित किया जाएगा।

भाजपा ने हेमंत सांखला पर जताया भरोसा
भारतीय जनता पार्टी ने अजमेर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के वार्ड 46 से निर्वाचित पार्षद हेमंत सांखला को डिप्टी मेयर पद का प्रत्याशी बनाया है। पार्टी की ओर से उनके नाम की घोषणा की गई।
महापौर चुनाव में भाजपा की अनामिका शर्मा ने 43 वोट हासिल कर जीत दर्ज की थी, जबकि भाजपा के पास 32 निर्वाचित पार्षद हैं। अब डिप्टी मेयर चुनाव में भी महापौर चुनाव के दौरान बने राजनीतिक समीकरणों का असर देखने को मिल सकता है।

कांग्रेस ने नौरत गुर्जर को बनाया प्रत्याशी
कांग्रेस की ओर से नौरत गुर्जर को डिप्टी मेयर पद के लिए प्रत्याशी बनाया गया है। गुर्जर वार्ड 65 से कांग्रेस के पार्षद निर्वाचित हुए हैं।
कांग्रेस के पास निगम में सबसे अधिक 37 पार्षद हैं। इसके बावजूद महापौर चुनाव में भाजपा की अनामिका शर्मा को 43 वोट मिले थे। ऐसे में डिप्टी मेयर चुनाव में भी पार्षदों के मतदान और निर्दलीय पार्षदों के रुख पर निगाहें बनी हुई हैं।
11 निर्दलीय पार्षदों पर भी नजर
अजमेर नगर निगम में 11 निर्दलीय पार्षद हैं। कांग्रेस और भाजपा के बीच निर्वाचित पार्षदों की संख्या में अंतर होने के बावजूद महापौर चुनाव में परिणाम अलग रहा था। इसी वजह से डिप्टी मेयर चुनाव में भी निर्दलीय पार्षदों के मतदान को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अब देखने वाली बात होगी कि डिप्टी मेयर चुनाव में पार्षदों का समर्थन किस प्रत्याशी के पक्ष में जाता है और क्या महापौर चुनाव के दौरान बने समीकरण बरकरार रहते हैं। मतदान और मतगणना के बाद ही डिप्टी मेयर पद की अंतिम तस्वीर साफ होगी।