किशनगढ़ में भाजपा का कब्जा, राजकुमार बड़जात्या बने सभापति; कांग्रेस के मोहित खंडेलवाल को 22 मतों से हराया

किशनगढ़ में भाजपा का कब्जा, राजकुमार बड़जात्या बने सभापति; कांग्रेस के मोहित खंडेलवाल को 22 मतों से हराया
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किशनगढ़। किशनगढ़ नगर परिषद में सभापति पद के चुनाव में भाजपा के राजकुमार बड़जात्या ने जीत दर्ज की है। सोमवार को हुए मतदान में बड़जात्या को 41 वोट, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी मोहित खंडेलवाल को 19 वोट मिले। इस तरह भाजपा प्रत्याशी ने कांग्रेस प्रत्याशी को 22 मतों से हराकर सभापति पद हासिल किया। किशनगढ़ नगर परिषद में कुल 60 वार्ड हैं और सभापति चुनाव में बहुमत का आंकड़ा 31 वोट था।

हालिया निकाय चुनाव में किशनगढ़ नगर परिषद के 60 वार्डों में भाजपा ने 29, कांग्रेस ने 21 और निर्दलीय प्रत्याशियों ने 10 वार्डों में जीत दर्ज की थी। भाजपा बहुमत से दो सीट दूर थी, जबकि कांग्रेस के पास भी अपने दम पर बहुमत नहीं था। ऐसे में सभापति पद के चुनाव में निर्दलीय पार्षदों की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही थी।

सभापति पद के लिए भाजपा ने राजकुमार बड़जात्या और कांग्रेस ने मोहित खंडेलवाल को प्रत्याशी बनाया था। दोनों प्रत्याशियों के नामांकन के बाद मुकाबला सीधे भाजपा और कांग्रेस के बीच था। चुनाव प्रक्रिया के तहत 21 सितंबर को मतदान कराया गया और इसके बाद मतगणना कर परिणाम घोषित किया गया। दोनों प्रत्याशियों की उम्मीदवारी की पुष्टि चुनाव से पहले प्रकाशित रिपोर्टों में भी हुई थी।

परिणाम में भाजपा प्रत्याशी को मिले 41 वोटों ने बहुमत के आंकड़े को पार कर दिया। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी को 19 वोट मिले। भाजपा के निर्वाचित पार्षदों की संख्या 29 होने के बावजूद बड़जात्या को 41 वोट मिलने से यह स्पष्ट है कि भाजपा प्रत्याशी को पार्टी के बाहर से भी समर्थन मिला। उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर 12 अतिरिक्त वोट भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में पड़े; इनमें निर्दलीय पार्षदों के समर्थन की भूमिका रही। हालांकि, उपलब्ध स्रोतों में इन अतिरिक्त मतों का व्यक्तिगत या दलवार आधिकारिक विभाजन दर्ज नहीं है।

राजकुमार बड़जात्या के सभापति निर्वाचित होने के बाद भाजपा खेमे में उत्साह का माहौल रहा। समर्थकों और कार्यकर्ताओं ने उन्हें बधाई दी। अब किशनगढ़ नगर परिषद में भाजपा के नेतृत्व में नया बोर्ड काम करेगा।

नवनिर्वाचित सभापति के सामने नगर परिषद क्षेत्र में सड़क, सफाई, पेयजल, जल निकासी, प्रकाश व्यवस्था और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़े स्थानीय मुद्दों पर काम करने की जिम्मेदारी होगी। किशनगढ़ नगर परिषद के 60 वार्डों के चुनाव परिणाम में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी के रूप में सामने आई थी और अब सभापति पद का चुनाव भी उसके पक्ष में रहा है।

किशनगढ़ नगर परिषद का चुनावी गणित: भाजपा 29, कांग्रेस 21 और निर्दलीय 10 पार्षद। बहुमत का आंकड़ा 31 था। सभापति चुनाव में राजकुमार बड़जात्या को 41 और मोहित खंडेलवाल को 19 वोट मिले।

admin - awaz rajasthan ki

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