सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी श्रुति भारद्वाज की पुनर्नियुक्ति को लेकर अजमेर डेयरी के अध्यक्ष रामचंद्र चौधरी ने सवाल उठाए हैं।
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सीएम, शासन सचिव और प्रमुख शासन सचिव को पत्र भेजकर उच्च स्तरीय जांच की मांग
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अजमेर/जयपुर। राजस्थान को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन (RCDF) के प्रबंध निदेशक पद पर सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी श्रुति भारद्वाज की पुनर्नियुक्ति को लेकर अजमेर डेयरी के अध्यक्ष रामचंद्र चौधरी ने सवाल उठाए हैं। चौधरी ने 30 सितंबर को मुख्यमंत्री, शासन सचिव एवं सहकारिता विभाग के प्रमुख शासन सचिव को पत्र भेजकर उनकी पुनर्नियुक्ति की समीक्षा तथा उनके पूर्व कार्यकाल में कथित प्रशासनिक एवं वित्तीय अनियमितताओं की उच्च स्तरीय स्वतंत्र जांच की मांग की है।
राज्य सरकार द्वारा श्रुति भारद्वाज को 31 अगस्त 2026 को सेवानिवृत्त होने के करीब एक माह बाद फिर RCDF के एमडी पद पर नियुक्त किया गया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार उनका नया कार्यकाल छह माह अथवा सक्षम अधिकारी की नियमित नियुक्ति होने तक, जो भी पहले हो, प्रभावी रहेगा।
रामचंद्र चौधरी ने अपने पत्र में कहा कि RCDF जैसी महत्वपूर्ण सहकारी संस्था के लिए किसी सेवारत वरिष्ठ आईएएस अधिकारी को जिम्मेदारी देने के बजाय सेवानिवृत्त अधिकारी को दोबारा उसी पद पर नियुक्त किए जाने का औचित्य स्पष्ट किया जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि डेयरी अधिकारी-कर्मचारी वेलफेयर एसोसिएशन सहित विभिन्न स्तरों से भी सेवारत अधिकारी की नियुक्ति की मांग की गई थी।
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**ERP और पशु आहार टेंडर पर जांच की मांग
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चौधरी ने पत्र में RCDF में ERP परियोजना पर हुए कथित खर्च को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि पहले ERP पर करीब 25 करोड़ रुपए खर्च किए जाने के बाद दोबारा करीब 20 करोड़ रुपए खर्च किए गए। उन्होंने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
इसी प्रकार पशु आहार की खरीद एवं टेंडर प्रक्रिया को लेकर भी उन्होंने गंभीर आरोप लगाए हैं। पत्र में पशु आहार की कीमतों में वृद्धि, कच्चे माल की खरीद में कथित अपारदर्शिता तथा ठेकेदारों के साथ मिलीभगत के आरोप लगाए गए हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
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सरस ब्रांड, रिक्त पदों और विपणन व्यवस्था पर भी सवाल
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अजमेर डेयरी अध्यक्ष ने अपने पत्र में RCDF एवं जिला दुग्ध संघों में करीब 3000 पद रिक्त होने का दावा किया है। उनका कहना है कि नियमित भर्तियां नहीं होने से मौजूदा कर्मचारियों पर अतिरिक्त कार्यभार है और इसका असर डेयरी संचालन एवं उत्पादों की गुणवत्ता पर पड़ रहा है।
उन्होंने अमूल और मदर डेयरी के बढ़ते विस्तार का उल्लेख करते हुए सरस के बाजार एवं विपणन विस्तार को लेकर भी सवाल उठाए हैं। विशेष रूप से दिल्ली जैसे बड़े बाजार में सरस उत्पादों के विपणन को लेकर उन्होंने अधिक प्रभावी रणनीति की आवश्यकता बताई है।
AGM और निर्वाचित डेयरी अध्यक्षों के अधिकारों का मुद्दा
चौधरी ने RCDF के संचालक मंडल के चुनाव नहीं होने तथा जिला दुग्ध संघों के निर्वाचित अध्यक्षों की मांगों के बावजूद आमसभा (AGM) नहीं बुलाए जाने का भी मुद्दा उठाया है। पत्र में उन्होंने इसे सहकारी संस्थाओं की लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ते हुए व्यवस्था में सुधार की मांग की है।
इसके अलावा मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक संबल योजना के तहत दुग्ध उत्पादकों को मिलने वाली 5 रुपए प्रति लीटर की सहायता राशि तथा मिड-डे मील की कथित लंबित राशि के भुगतान का मुद्दा भी पत्र में उठाया गया है।
तीन प्रमुख मांगें
रामचंद्र चौधरी ने राज्य सरकार से मुख्य रूप से तीन मांगें रखी हैं—
श्रुति भारद्वाज की RCDF के एमडी पद पर पुनर्नियुक्ति के औचित्य की तत्काल समीक्षा की जाए।
ERP, पशु आहार टेंडर, वित्तीय अनियमितताओं एवं पत्र में लगाए गए अन्य आरोपों की स्वतंत्र एवं उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।
RCDF और जिला दुग्ध संघों की सहकारी एवं लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करते हुए सरस ब्रांड तथा पशुपालकों के हितों की रक्षा की जाए।
चौधरी ने पत्र में कहा है कि इन मामलों की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाई जानी चाहिए, ताकि प्रदेश के लाखों पशुपालकों और सरस ब्रांड से जुड़े हितधारकों का विश्वास कायम रहे।