हर घर तक पहुंचेगा स्वच्छ जल : भागीरथ चौधरी के प्रयासों से 365 करोड़ की जल परियोजना को मंजूरी
केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री और स्थानीय अजमेर सांसद भागीरथ चौधरी ने बताया कि पुष्कर–किशनगढ़ क्षेत्र के 128 गांवों में 25,942 घरों को मिलेगा नल से जल, मार्च 2027 तक पूर्णता का लक्ष्य
किशनगढ़ | अजमेर | केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री तथा अजमेर सांसद भागीरथ चौधरी के सतत प्रयासों को बड़ी सफलता मिली है। जल जीवन मिशन के अंतर्गत अजमेर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए ₹365.85 करोड़ की बहुप्रतीक्षित पेयजल परियोजना को राजस्थान सरकार ने स्वीकृति दे दी है। यह योजना बिसलपुर जल प्रणाली से जिले के 202 मुख्य और 355 अन्य आबादियों को जोड़ते हुए घर-घर स्वच्छ जल पहुंचाने का कार्य करेगी। केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘हर घर जल’ मिशन को साकार करने की दिशा में यह एक बड़ा कदम है। मेरे प्रयासों का उद्देश्य है कि अजमेर संसदीय क्षेत्र का कोई भी गांव जल संकट से जूझता न रहे। यह परियोजना न केवल स्वच्छ जल पहुंचाएगी, बल्कि क्षेत्र की वर्षों पुरानी पेयजल समस्या का स्थायी समाधान सिद्ध होगी।
128 गांवों को मिलेगा सीधा लाभ : यह परियोजना विशेष रूप से पुष्कर और किशनगढ़ क्षेत्र के 128 गांवों को कवर करेगी। इनमें 56 गांव पुष्कर-रूपनगढ़ उपखंड और 72 गांव किशनगढ़ व अराईं उपखंड में स्थित हैं। लगभग 1600 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाकर 25,942 घरेलू नल कनेक्शन दिए जाएंगे। परियोजना की निर्धारित पूर्णता तिथि मार्च 2027 रखी गई है। इसमें एक वर्ष की डिफेक्ट लाइबिलिटी अवधि और 10 वर्षों तक संचालन एवं अनुरक्षण (O&M) की व्यवस्था भी शामिल है।
50 उच्च जलाशयों (OHSR) का निर्माण : प्रत्येक जलाशय की क्षमता 100 से 200 किलोलीटर होगी। ये जलाशय निम्नलिखित गांवों में बनाए जाएंगे: इन्दौली, देवपुरी, पांडरवाड़ा, जोरावर पूरा, गोठियाना, दोन्थली, गुंदली, धौलपुरिया, झाडोल, छोटालाम्बा, अमरपुरा, गोरधनपुरा, जूनदा, पारली, करडाला, खंडाच, करकेड़ी, खातोली, चीताखेड़ा, टोंकड़ा, ढाणी पुरोहितान, मालियों की बाड़ी, कोटड़ी, बाँसड़ा, रोड़वास, कांकनियावास, चुन्दड़ी, बीती, उदयपुर कला, मंडावरिया, जाटली, उंटड़ा, मुंडोती, डांग, गेहलपुर, रघुनाथपुरा, गोली, माला, चोसला, मगरा आदि। 10 स्वच्छ जलाशयों (CWR) का निर्माण – कोटड़ी, अकोड़िया, अराईं, सिंरोज, किशनगढ़, पाटन, रूपनगढ़, खेरिया की ढाणी, रलावता और बोराडा। 5 नए पंप हाउस स्थल: कोटड़ी, सिंरोज, पाटन, रलावता और खेरिया की ढाणी।