राजस्थान में बढ़ने लगा डेंगू-मलेरिया का खतरा:पिछले 20 दिन में 100 से ज्यादा डेंगू, 120 से ज्यादा मलेरिया के केस मिले

राजस्थान में बढ़ने लगा डेंगू-मलेरिया का खतरा:पिछले 20 दिन में 100 से ज्यादा डेंगू, 120 से ज्यादा मलेरिया के केस मिले
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राजस्थान में बढ़ने लगा डेंगू-मलेरिया का खतरा:पिछले 20 दिन में 100 से ज्यादा डेंगू, 120 से ज्यादा मलेरिया के केस मिले

जयपुर

राजस्थान में मानसून का आधा सीजन निकल गया। मानसून ब्रेक के बाद अब राज्य में मौसमी बीमारियां बढ़नी शुरू हो गई हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक बारिश का दौर हल्का पड़ने के बाद मच्छर तेजी से पनपते हैं। इनके काटने से डेंगू-मलेरिया के मरीज भी बढ़ जाते हैं। राज्य में पिछले 20 दिनों की रिपोर्ट देखें तो 100 से ज्यादा डेंगू के नए केस सामने आ चुके हैं। जबकि 120 से ज्यादा मरीज मलेरिया के मिल चुके हैं।
जयपुर के एसएमएस हॉस्पिटल के सीनियर स्पेशलिस्ट डॉ. मनोज शर्मा का कहना है कि अब डेंगू-मलेरिया के केस बढ़ने लगे हैं। कुछ मरीजों को भर्ती भी किया जा रहा है। लेकिन अभी ज्यादातर जो मरीज आ रहे हैं, वह सीवियर कंडिशन के नहीं हैं। इनकों घर पर ही दवाइयां देकर ठीक किया जा रहा है।

लगातार तेज सिर में दर्द, बदनतोड़ बुखार और उल्टी होने पर डॉक्टर को दिखाए

डॉक्टर मनोज शर्मा ने बताया- जिन मरीजों के शरीर पर अचानक दाने आने शुरू हो जाए। तेज हड्डी तोड़ बुखार हो, लगातार तेज सिर दर्द हो या पेट दर्द के साथ उल्टी हो रही हो। ऐसे मरीज को तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए। क्योंकि ये लक्षण शुरूआती लक्षण होते हैं। ऐसी कंडिशन में मरीज की स्थिति जल्दी बिगड़ भी सकती है। इसलिए समय पर हॉस्पिटल (पीएचसी, सीएचसी या जिला हॉस्पिटल) में डॉक्टर को दिखा लेना चाहिए।

जयपुर, कोटा, अजमेर में डेंगू के ज्यादा केस

डेंगू की स्थिति देखे तो पिछले 20 दिन (22 जुलाई से 8 अगस्त तक) डेंगू के कुल 115 मरीज आए है, जिसमें 68 मरीज तो केवल जयपुर, अजमेर, कोटा, झुंझुनूं, उदयपुर और कोटपूतली जिलों में मिले हैं।जयपुर में सबसे ज्यादा 15 मरीज आए है, जबकि कोटा, अजमेर में 13-13, उदयपुर में 10 और झुंझुनूं, कोटपूतली में क्रमश: 9 और 8 केस मिले है।

सीमावर्ती जिलों में मलेरिया के कोर जोन
सीमावर्ती जिले जैसलमेर, बाड़मेर के एरिया में सबसे ज्यादा केस मलेरिया के आ रहे है। इन दोनों ही जिलों में पिछले 20 दिन (22 जुलाई से 8 अगस्त तक) तक कुल 54 केस आए है, ज​बकि पूरे राजस्थान में इस अवधि के दौरान मलेरिया के 121 केस मिले है।

राजधानी में फोगिंग शुरू

नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक मौसमी बीमारियों (मच्छर जनित) को कंट्रोल करने के लिए इस पर हमने समय से पहले ही फोगिंग शुरू करवा दी है। जुलाई के आखिरी सप्ताह से जोनवार शेड्यूल बनाकर हर वार्ड में फोगिंग करवा रहे है। जबकि पहले के सीजन में हम सितंबर से फोगिंग करवाना शुरू करते थे।

बचाव के लिए फुल बॉडी कवर के कपड़े पहने

डॉक्टर शर्मा के मुताबिक अब जो सीजन चल रहा है वह अगले चार माह तक डेंगू-मलेरिया की बीमारी के अनुकूल रहता है। इस अवधि में मच्छरों की संख्या बहुत ज्यादा होती है। मच्छरों के काटने से बचाव के लिए लोगों को फुल स्लीव के शर्ट या कुर्ते पहनना चाहिए, ताकि हाथ-पैरों को ढका जा सके। साथ ही घरों में मच्छरों के पैदा होने से रोकने के लिए साफ-सफाई रखे।

admin - awaz rajasthan ki

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