शाहपुरा में शहीद स्मारक का लोकार्पण, अमर शहीद हेमू कालानी मूर्ति अनावरण।


शहीद स्मारक का लोकार्पण।
विधानसभाध्यक्ष, महामंडलेश्वर अतिथियों ने किया मूर्ति अनावरण।
भारत के सनातन व संस्कृति को बचाने के लिए सिंध छोडा – देवनानी
शाहपुरा 12 अगस्त 2025- देव कृष्ण राज पाराशर। नगर सौंदर्यकरण के तहत नगर पालिका द्वारा सिंधी समाज के अमर शहीद हेमू कालानी की समृद्धि में सिंधी कॉलोनी चौराहे पर शहीद स्मारक का निर्माण करवाया गया।
सिंधी समाज के तत्वाधान में आयोजित लोकार्पण, मूर्ति अनावरण कार्यक्रम, राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के मुख्य आतिथ्य, सनातन उदासीन आश्रम, भीलवाड़ा के महामंडलेश्वर हंसराम की अध्यक्षता, विधायक लालाराम बैरवा, नगर पालिकाध्यक्ष रघुनंदन सोनी, सचिव रिंकल गुप्ता, अमर शहीद हेमू कालानी यादगार मंडल, मुंबई के सदस्य कमला कालानी, सुरेश कालानी, नरेश कालानी, अजमेर, भीलवाड़ा, शाहपुरा के सिंधी पंचायत के विशिष्ट आतिथ्य में आयोजित हुआ।
अतिथियों ने मां शारदा व झूलेलाल की तस्वीर पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलन करते हुए समारोह का शुभारंभ किया। अतिथियों ने नवनिर्मित शहीद स्मारक का लोकार्पण करते हुए स्मारक में शहीद कालानी की मूर्ति का अनावरण किया। इस दौरान पुष्पवर्षा की गई।
सिंधी पंचायत अध्यक्ष मोहनलाल लखपतानी, उपाध्यक्ष चेतन चंचलानी, सचिव ओम प्रकाश सिंधी, मूलचंद पेसेवानी, गंगाराम, शंकर ठारवानी, हरीश मतलानी, लीलाराम आसवानी, किशोर सामतानी आदि ने अतिथियों का स्वागत सम्मान किया। पालिका प्रशासन ने स्मृति के तौर पर अतिथियों को सोनी ने रामनिवासधाम की तस्वीरें भेंट की। कालानी परिवार सदस्यों ने भी अतिथियों को हेमू कालानी के जीवन पर लिखिए पुस्तक भेंट की।
कार्यक्रम संयोजक मूलचंद पेसवानी ने शहीद कालानी के जीवन पर प्रकाश उकेरते हुए देश की आजादी के लिए दी उनकी शहादत को याद कर नमन किया। मंच से सिंधी समाज के लोगों ने विधानसभाध्यक्ष देवनानी के द्वारा केंद्र व राज्य सरकार से कालानी को शहीद का दर्जा दिलाने की मांग रखते हुए देश के मुख्य शहरों में कालानी के नाम से स्मारक व मुख्य चौराहों का नामकरण करने की मांग की।
भारत के सनातन और सांस्कृतिक मूल्यों को जीवंत रखने के लिए सिंध छोड़ा हमने:
देवनानी ने कहा कि सिंधी समाज ने भारत के सनातन और सांस्कृतिक मूल्यों को जीवंत रखने के लिए सिंध छोड़कर भारत की पावन धरती पर कदम रखा। सिंधी शरणार्थी के रूप में नहीं, बल्कि पुरुषार्थी के रूप में उभरे और राष्ट्र निर्माण में हर क्षेत्र चाहे वह शिक्षा हो, व्यापार हो, कला हो या सामाजिक सेवा में अपना अमूल्य योगदान दिया।
कालानी को याद करते हुए कहा कि वे एक ऐसे युवा क्रांतिकारी थे, जिन्होंने मात्र 19 वर्ष की आयु में देश की आजादी के लिए अपने प्राणों का बलिदान दे दिया। उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत के सामने घुटने टेकने के बजाय भगत सिंह की तरह फांसी को गले लगाया। उनकी शहादत न केवल सिंधी समाज के लिए, बल्कि समस्त भारतवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। पीएम मोदी की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने विश्व को भारत के शौर्य और संकल्प की ताकत का परिचय कराया। देवनानी ने अपने ओजस्वी उद्बोधन से युवाओं में जोश भरते हुए नौजवान को आह्वान किया कि वे हेमू कालानी के आदर्शों को आत्मसात करें। हमारा देश विश्वगुरु था, है, और रहेगा।
विदेशी वस्तु त्यागे, स्वदेशी अपनाए:- अपने उद्बोधन में देवनानी के अमेरिका द्वारा भारत पर बढ़ाए टैरिफ पर चिंता जाहिर करते हुए ऐलान किया कि विदेशी वस्तुओं को खरीदने से बचे, त्याग करें और स्वदेशी वस्तुओं को अपनाए और संपूर्ण भारत को आत्मनिर्भर बनाने में अपना योगदान दे।
इस मौके पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश आर्य, उपाधीक्षक ओम प्रकाश विश्नोई, थानाधिकारी सुरेश चंद्र, अजमेर, भीलवाड़ा, शाहपुरा क्षेत्र के सिंधी पंचायतों के सदस्य, वार्ड पार्षद रचना सुनील मिश्रा, सहित कई वार्डो के पार्षद, कई दलों, समाज व संगठनों के जनप्रतिनिधि, सिंधी पंचायत के अशोक ठारवानी, मोहन केवलानी, सोनू तोलानी, नारायण समदानी, विजय ठारवानी, घनश्याम ठारवानी राजू आसवानी, सुरेश वासवानी, ईश्वर लच्छवाणी, सोनू आसवानी तक चन्द ठारवानी आदि सदस्य एवं नगरवासी उपस्थित थे। मंच संचालन सतेंद्र मंडेला ने किया।

