महिला कार्मिक के संबध मे अभद्ध टिप्पणी करने तथा असामाजिक तत्वो के साथ नशे मे कार्मिकों को धमकाने पर ग्राम विकास अधिकारी को नोटिस जारी, होगी कार्यवाही
महिला कार्मिक के संबध मे अभद्ध टिप्पणी करने तथा असामाजिक तत्वो के साथ नशे मे कार्मिकों को धमकाने पर ग्राम विकास अधिकारी को नोटिस जारी, होगी कार्यवाही
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अजमेर जिले की सरवाड पंचायत समिति की ग्राम पंचायत हरपुरा व स्यार के ग्राम विकास अधिकारी को राजस्थान सिविल सेवा नियम 1958 के नियम 17 के तहत सरवाड विकास अधिकारी ने नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब किया है
नोटिस के अनुसार हरपुरा व स्यार ग्राम विकास अधिकारी ने
दिनांक 03.09.2025 को पंचायत समिति के ऑफिशियल ग्रुप में शराब के नशे में अपने राजकीय कृत्य से इत्तर अभद्र व्यवहार व अशोभनीय टिप्पणियां की तथा शाम को कुछ असामाजिक तत्वों के साथ कार्यालय परिसर में अनाधिकृत रूप से नशे में धुत्त होकर घुसेने के साथ कार्यालय के कार्मिकों को धमका कर गाली गलौच की गयी । जो एक राजकीय कार्मिक से अपेक्षित व्यवहार से भिन्न हैं।
ग्राम विकास अधिकारी ने इससे पहले दिनांक 26.07.2025 को भी नशे की हालत में ग्रुप में महिला कार्मिकों के संबंध में अभद्र टिप्पणी की थी। पूर्व में भी ग्राम पंचायत हरपुरा के ग्रामीणों द्वारा शिकायत की गयी की ग्राम विकास अधिकारी कार्यालय समय में शराब के नशे में धुत्त रहते हैं एव व्यवहार ग्राम पंचायत वासियों के प्रति सही नहीं हैं तथा ग्रामीणों से असभ्य भाषा में बात करते हैं।
लगातार शिकायत व महिला कार्मिकों पर टिप्पणी को सरवाड विकास अधिकारी राजेन्द्र कुमार ने गंभीरता से लेते हुए हरपुरा व स्यार विकास अधिकारी राजेश मीणा को नोटिस जारी किया उन्होंने उक्त कृत्य राजस्थान सिविल सेवाएं (आचरण) नियम 1971 के नियम 04 (2) का स्पष्ट उल्लघन मानते हुए नोटिस जारी किया है उन्हेने बताया की
नशे में सरकारी कार्यालय / सार्वजनिक स्थान पर बैठना एवं कार्यालय से बाहर भी शराब के नशे में धुत रहना एवं गाली गलौच करना एक राज्य सरकार के कार्मिक के रूप में सरकार की छवि को खराब करने वाला एवं अपकीर्तिकर आचरण की श्रेणी मे आता है एसे मे उक्त कृत्य राजस्थान सिविल सेवाएं (आचरण) नियम 1971 के नियम 26 (ख) (ग) व (घ) का स्पष्ट उल्लघंन है। ईसी कारण हरपुरा ग्राम विकास अधिकारी को नोटिस दे कर सपष्टीकरण मांगा गया है