राजस्थान में निकाय-पंचायत चुनाव को लेकर अब आगे क्या? भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने दिए बड़े संकेत
जोधपुर: जोधपुर में आयोजित भाजपा जोधपुर संभाग की कार्यशाला के दौरान प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने निकाय और पंचायत चुनावों से जुड़े ताजा हालात पर व्यापक टिप्पणी करते हुए कांग्रेस पर तीखे आरोप लगाए। उन्होंने एसआईआर (Special Intensive Revision) प्रक्रिया, उपचुनाव परिणाम और हालिया राजनीतिक बयानबाज़ी को लेकर स्पष्ट रुख सामने रखा।
मतदाता सूची के पुनरीक्षण पर जोर, एसआईआर को बताया आवश्यक
राठौड़ ने कहा कि मतदाता सूची का शुद्धिकरण लोकतांत्रिक पारदर्शिता के लिए अनिवार्य है। उनके अनुसार, एसआईआर प्रक्रिया पूरे देश में सुचारू रूप से लागू होनी चाहिए ताकि मतदान व्यवस्था और अधिक विश्वसनीय हो सके।
उन्होंने आरोप लगाया कि “कुछ लोग वोट बैंक की राजनीति में उन व्यक्तियों को भी मतदाता सूची में शामिल करवा रहे हैं, जो दूसरे देशों से आकर बसे हैं। भारत को धर्मशाला समझने वाली इस सोच पर रोक लगाना जरूरी है। एसआईआर के माध्यम से ऐसे फर्जी नाम हटाए जा रहे हैं, जिसका स्वागत होना चाहिए।”
अंता उपचुनाव में हार पर आत्ममंथन
अंता उपचुनाव में मिली हार पर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि पार्टी आत्ममंथन कर रही है और जिन क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता होगी, वहां बदलाव किए जाएंगे। उन्होंने कांग्रेस के “वोट चोर गद्दी छोड़ो” नारे पर पलटवार करते हुए कहा कि “जो लोग यह नारा लगाते थे, Bihar चुनाव में उनकी स्थिति इतनी कमजोर हो गई है कि ढूंढने पर भी नजर नहीं आते।”
“वोट चोरी होती तो क्या कांग्रेस अंता जीत पाती?”
राठौड़ ने कांग्रेस नेताओं के हालिया आरोपों को सख़्ती से खारिज किया। उन्होंने कहा—
“अगर भाजपा वोट चोरी करती, तो क्या अंता में कांग्रेस जीत सकती थी? क्या राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अशोक गहलोत चुनाव जीत सकते थे? लोकतंत्र में ऐसे आरोपों का कोई स्थान नहीं है।”
उन्होंने बिहार चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ इस्तेमाल की गई भाषा की भी आलोचना की और मीडिया से अपील की कि ऐसे बयानों को गंभीरता से ना लिया जाए।
मंत्रिमंडल विस्तार और राजनीतिक नियुक्तियों पर प्रतिक्रिया
राठौड़ ने कहा कि मंत्रिमंडल विस्तार और राजनीतिक नियुक्तियों का अधिकार मुख्यमंत्री के पास है। “अगर मुख्यमंत्री मुझसे सलाह मांगते हैं तो मैं जरूर सुझाव दूंगा,” उन्होंने कहा।
निकाय-पंचायत चुनाव पर हाई कोर्ट के निर्णय का सम्मान
निकाय और पंचायत चुनावों के भविष्य को लेकर उन्होंने स्पष्ट कहा कि राजस्थान हाई कोर्ट के फैसले का पूर्ण पालन किया जाएगा। सरकार और संगठन दोनों कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप आगे बढ़ेंगे।