पदभार नहीं, अब ‘जिम्मेदारी’ संभालेंगे वी. श्रीनिवास: राजस्थान के नए मुख्य सचिव आज करेंगे पदग्रहण
जयपुर (प्रतीक पाराशर ): प्रशासनिक पटल पर आज एक महत्वपूर्ण संक्रमण हो रहा है। 1989 बैच के वरिष्ठ और अनुभवी IAS अधिकारी वी. श्रीनिवास आज राजस्थान के सर्वोच्च प्रशासनिक पद, मुख्य सचिव (CS) का कार्यभार ग्रहण करेंगे। यह केवल एक पदोन्नति नहीं, बल्कि एक ऐसे अधिकारी के लिए अपने गृह कैडर में लौटना है, जिसने केंद्र और राज्य दोनों में महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाई हैं।
दिल्ली से लौट: अनुभव का सम्मान
श्रीनिवास आज सुबह 11:30 बजे की फ्लाइट से दिल्ली से जयपुर पहुंचेंगे। दिल्ली में केंद्र सरकार की कमान संभालने के बाद, अब उनके कंधे पर अपने राज्य की प्राथमिकताओं को साधने का भार होगा।
- दोपहर 3 बजे मुख्य सचिव कार्यालय में चार्ज हैंडओवर की प्रक्रिया पूरी होगी। निवर्तमान मुख्य सचिव, सुधांश पंत, एक गर्मजोशी भरे माहौल में श्रीनिवास जी को पद की बागडोर सौंपेंगे—यह प्रशासन की निरंतरता और परिपक्वता को दर्शाता है।
- वह मुख्य सचिव के साथ-साथ, अध्यक्ष, राज्य खान एवं खनिज निगम लिमिटेड, उदयपुर और मुख्य आवासीय आयुक्त, दिल्ली के भी अतिरिक्त दायित्व निभाएंगे।
“मुख्य सचिव का पद राज्य की प्रशासनिक आत्मा होता है। वी. श्रीनिवास का लंबा और विविध अनुभव, जिसमें उन्होंने विदेश, वित्त और पेट्रोलियम जैसे मंत्रालयों में काम किया है, उन्हें राज्य की आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों से निपटने की अद्वितीय क्षमता देता है। अब सबकी निगाहें इस बात पर होंगी कि वह अपने अनुभवों का उपयोग राज्य की जमीनी हकीकत को बदलने में कैसे करते हैं।”
📜 करियर का सार: जिम्मेदारी और विश्वास
श्रीनिवास का सेवाकाल उनकी बहुमुखी प्रतिभा का प्रमाण है:
| भूमिका | क्षेत्र | महत्व |
| कलेक्टर | जोधपुर और पाली | राज्य के जमीनी प्रशासन की गहरी समझ। |
| सचिव | आयोजना, विज्ञान प्रौद्योगिकी, परिवार कल्याण | सामाजिक विकास और नीति निर्माण का अनुभव। |
| निजी सचिव | केंद्रीय विदेश और वित्त मंत्री (2001-02) | राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर की नीति निर्माण प्रक्रिया में भागीदारी। |
| संयुक्त सचिव | संस्कृति और टेक्सटाइल मंत्रालय | सांस्कृतिक पहचान और औद्योगिक विकास को समझने का दृष्टिकोण। |
| डीएस | केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय (हाल ही में) | केंद्र की ऊर्जा नीति और जटिल फैसलों का अनुभव। |
वी. श्रीनिवास का यह सफर बताता है कि वह हर उस नीतिगत और प्रशासनिक मोड़ पर मौजूद रहे हैं जो देश को प्रभावित करता है। अब, 1989 बैच के इस वरिष्ठ अधिकारी पर राजस्थान के लाखों लोगों की उम्मीदों को पूरा करने की जिम्मेदारी है, उम्मीद है कि उनका यह नया अध्याय राज्य के लिए एक स्थिर और प्रगतिशील भविष्य का मार्ग प्रशस्त करेगा।